15 अगस्त के बाद कभी भी JSSC CGL की परीक्षा हो सकती है। इस बात की पुष्टि खुद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने की है। आपको पता है कि, 11 जून को बड़ी संख्या में छात्र आयोग कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान मुलाकात करने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल से जेएसएससी सचिव ने इस बात की पुष्टि की है।
Highlights–
- नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी।
- अच्छी एजेंसी का है इंतज़ार।
- छात्रों की अलग-अलग प्रतिक्रिया।
- आचार संहिता का डर।
नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी।
खास बात यह है कि, परीक्षा के लिए अब तक एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उसमें अभी थोड़ा और समय लग सकता है जिसकी वजह से यह परीक्षा टलती हुई जा रही है। पुरानी एजेंसी को 3 साल के लिए टर्मिनेट कर दिया गया है।
अच्छी एजेंसी का है इंतज़ार।
छात्रों के प्रतिनिधि मंडल में शामिल अध्यापक काजल मंडल ने न्यूज़ मॉनिटर को बताया कि, आयोग की तरफ से पूरी प्रक्रिया को विस्तार से जानकारी दी गई है। उन्होने बताया कि, नई एजेंसी के चयन के बाद भी उनको समझने के लिए थोड़ा समय देना होगा। इतनी बड़ी परीक्षा में कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता है। अब तक जो एजेंसी आई हैं वह अप टू मार्क नहीं है। लिहाजा, अच्छी एजेंसी का इंतजार किया जा रहा है।
छात्रों की अलग-अलग प्रतिक्रिया।
आयोग के इस जवाब के बाद छात्रों में दो तरह की प्रतिक्रियाएं हैं। एक तो आयोग की बात से बहुत सारे छात्र संतुष्ट हैं की परीक्षा भले देर में हो लेकिन एजेंसी की चयन में कोई जल्दबाजी न हो। दूसरा तबका चाहता है कि, जल्द से जल्द परीक्षा ली जाए क्योंकि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाने के बाद फिर कोई काम नहीं होगा।
आचार संहिता का डर।
इस साल के आखिर यानी अक्टूबर नवंबर महीने में झारखंड में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में छात्रों की मांग है कि, चुनाव से पहले नियुक्ति की प्रक्रिया संपन्न करा ली जाए। हालांकि, आयोग की तरफ से जो जवाब मिला है उससे तो इस बात की आशंका प्रबल हो रही है कि, यह परीक्षा आचार संहिता की जद में आ सकता है।
बहरहाल, एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का फायदा सिर्फ इतना हुआ की सीजीएल की तारीख को लेकर कुछ क्लेरिटी मिली है। यानी अभी 15 अगस्त तक इंतजार करना होगा उसके बाद ही तारीखों के बारे में और स्पष्ट आएगी। इस बीच छात्रों का धैर्य भी जवाब देता जा रहा है।
