माओवादी प्रतिरोध सप्ताह और बंदी को लेकर झारखंड पुलिस सतर्क, सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मुख्य बिंदु:
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8 से 14 अक्टूबर तक माओवादी प्रतिरोध सप्ताह और 15 अक्टूबर को एकदिवसीय बंदी का आह्वान
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पुलिस मुख्यालय में अभियान प्रभारी व प्रवक्ता ने दी जानकारी
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सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती
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झारखंड पुलिस ने जनता से अफवाहों से दूर रहने की अपील की
रांची, 7 अक्टूबर 2025:
झारखंड पुलिस ने राज्य में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अपनी तैयारियों की जानकारी मीडिया को दी है। पुलिस मुख्यालय सभागार में आज पुलिस महानिरीक्षक (अभियान)-सह-पुलिस प्रवक्ता ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि भाकपा (माओवादी) द्वारा 8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2025 तक प्रतिरोध सप्ताह और 15 अक्टूबर को एकदिवसीय बंदी की घोषणा को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सतर्कता बरती है।

राज्य में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता – झारखंड पुलिस
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाये रखना झारखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्क कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि की पूर्व सूचना मिल सके। सभी संवेदनशील इलाकों, सरकारी कार्यालयों, रेल मार्गों और सड़क मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है।

जनता से अपील – निर्भीक होकर करें दैनिक कार्य
पुलिस प्रवक्ता ने जनता से अपील की कि वे निर्भीक होकर अपने रोजमर्रा के कार्य करें। किसी भी प्रकार की शंका, डर या परेशानी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा जनता की सेवा में तत्पर है और हर परिस्थिति में सहायता के लिए तैयार है।
अफवाहों से दूर रहने की सलाह
पुलिस ने स्पष्ट किया कि बंदी के दौरान अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें।
माओवादी प्रतिरोध सप्ताह और बंदी की घोषणा को देखते हुए झारखंड पुलिस ने राज्यभर में चौकसी बढ़ा दी है। संवेदनशील जिलों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और आसूचना प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। पुलिस ने जनता से भरोसा जताया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
