JSSC-CGL विवाद पर बाबूलाल मरांडी का राहुल गांधी पर हमला

JSSC-CGL पर राहुल गांधी से बाबूलाल के 5 बड़े सवाल!

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JSSC-CGL विवाद: राहुल गांधी के कथित पत्र पर बाबूलाल मरांडी के तीखे सवाल, बोले- छात्रों से आंख-मिचौली क्यों?

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने दावा किया है कि मीडिया के जरिए उन्हें जानकारी मिली है कि राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, लेकिन पत्र की जानकारी प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व तक को नहीं है।

प्रमुख बातें

  • बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी के कथित पत्र को लेकर सवाल उठाए।
  • दावा किया कि प्रदेश प्रभारी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र की जानकारी नहीं है।
  • JSSC-CGL मामले में मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री आवास, CID और अभय तिवारी समेत कई स्तरों की भूमिका पर सवाल उठाए।
  • मरांडी ने राहुल गांधी से JSSC-CGL प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
  • उन्होंने परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े बेहद गंभीर आर्थिक आरोप भी लगाए, हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

‘राहुल गांधी को गुप्त रूप से पत्र क्यों लिखना पड़ रहा है?’

बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी वास्तव में झारखंड के छात्रों के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख रहे हैं, तो इसे सार्वजनिक करने से परहेज क्यों किया जा रहा है।

मरांडी के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष तक को पत्र की जानकारी नहीं है और न ही पत्र उनके माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजा गया है। उन्होंने इसे लेकर कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

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‘देशभर में छात्रों के मुद्दे पर बोलते हैं राहुल गांधी, झारखंड में चुप्पी क्यों?’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राहुल गांधी देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं। ऐसे में झारखंड के JSSC-CGL विवाद में कथित तौर पर पत्र के जरिए बात रखने को लेकर उन्होंने सवाल किया कि आखिर झारखंड के छात्रों के मामले में यह ‘आंख-मिचौली’ क्यों हो रही है।

मरांडी ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे सामने आकर छात्रों को बताएं कि JSSC-CGL विवाद पर उनका वास्तविक रुख क्या है।

JSSC-CGL में धांधली के आरोपों को लेकर फिर गरमाई राजनीति

JSSC-CGL परीक्षा लंबे समय से राजनीतिक और छात्र आंदोलनों का बड़ा मुद्दा बनी हुई है। इसी विवाद को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अब पूरे देश को कथित अनियमितताओं की जानकारी हो चुकी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री आवास, CID और अभय तिवारी समेत कई लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों को बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति या संस्था की संलिप्तता का निष्कर्ष जांच अथवा सक्षम प्राधिकारी के प्रमाण के बिना नहीं निकाला जा सकता।

राहुल गांधी पर लगाया बेहद गंभीर सवाल

अपने बयान में बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL की कथित धांधली से जुटाए गए हजारों करोड़ रुपये का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी की संभावित भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि कहीं इस कथित रकम में राहुल गांधी की भी कोई हिस्सेदारी तो नहीं है।

यह आरोप बेहद गंभीर है और मरांडी ने इसके समर्थन में अपने बयान में कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। ऐसे में इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

‘राहुल गांधी छात्रों को जवाब दें’

बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी से JSSC-CGL प्रकरण पर अपना पक्ष सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी ने वास्तव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों के मुद्दे पर पत्र लिखा है, तो पत्र की विषय-वस्तु और उनकी मांगों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

JSSC-CGL विवाद पर अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि जांच और कार्रवाई को लेकर सरकार, विपक्ष तथा छात्र संगठनों की आगे की रणनीति क्या होगी।

नोट: राहुल गांधी के कथित पत्र, प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को इसकी जानकारी न होने तथा JSSC-CGL से जुड़े आर्थिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। इन दावों को बाबूलाल मरांडी के बयान के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।

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