झारखंड में एक बार फिर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही परीक्षा की CBI जांच की मांग की है।
12 अप्रैल 2026 को आयोजित इस परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
150 से अधिक गिरफ्तारी, कई उपकरण बरामद
भाजपा के अनुसार तमाड़ स्थित एक निर्माणाधीन भवन से परीक्षा माफिया द्वारा अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाने का मामला सामने आया है। इस दौरान:
- 150 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई
- कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटॉप बरामद हुए
- संदिग्ध प्रश्नपत्र और नोट्स मिले
- कई गाड़ियां जब्त की गईं
यह भी आरोप है कि अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड तक जब्त कर लिए गए थे और प्रति उम्मीदवार 15 लाख रुपये तक की डील तय की गई थी।
परीक्षा का दायरा और संदेह
यह परीक्षा राज्य के 8 जिलों के 370 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें लगभग 1.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। भाजपा का कहना है कि यदि एक केंद्र पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है, तो अन्य केंद्रों पर भी गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसके बावजूद JSSC द्वारा पेपर लीक से इनकार करने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुराने मामलों का भी जिक्र
भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी:
- JSSC CGL परीक्षा
- झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाएं
- यहां तक कि मैट्रिक परीक्षा
में भी पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं।
CBI जांच की मांग क्यों?
भाजपा का कहना है कि राज्य एजेंसियों पर भरोसा कम हो गया है और निष्पक्ष जांच के लिए CBI से जांच आवश्यक है।
भाजपा की प्रमुख मांगें
भाजपा ने राज्यपाल से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- उत्पाद सिपाही परीक्षा के पेपर लीक की CBI जांच
- पेपर माफिया, Solver Gang और आयोग के बीच सांठगांठ की जांच
- अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
- JPSC परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- पिछले 6 वर्षों की परीक्षाओं की जांच
- परीक्षा प्रणाली में सुधार लागू करना
निष्कर्ष
भाजपा ने पत्र के माध्यम से राज्यपाल से अपील की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सजा दिलाई जाए, ताकि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।
