Giridih Electricity Division में भ्रष्टाचार के आरोप, कार्यपालक अभियंता के खिलाफ CMD को शिकायत
रांची, झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने विद्युत आपूर्ति प्रमंडल गिरिडीह (दक्षिण) के कार्यपालक अभियंता मृणाल गौतम पर गंभीर अनियमितता, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने इस संबंध में झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रमुख बातें
- गिरिडीह (दक्षिण) के कार्यपालक अभियंता पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप
- झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने CMD को भेजी शिकायत
- डेडिकेटेड फीडर, लाइन शिफ्टिंग और अवैध वसूली के आरोप
- विभागीय नियमों की अनदेखी कर निगम को नुकसान पहुंचाने का दावा
- पूरे मामले में निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग
ईमेल के जरिए भी भेजा गया शिकायत पत्र
संघ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शिकायत पत्र केवल निगम मुख्यालय को ही नहीं बल्कि CMD और MD को ईमेल के माध्यम से भी भेजा गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित पदाधिकारी द्वारा निगम के नियमों और प्रक्रियाओं की लगातार अनदेखी की गई, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
संघ का दावा है कि इन मामलों से आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच भारी असंतोष की स्थिति बन गई है।
कई परियोजनाओं में अनियमितता का आरोप
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने अपने शिकायत पत्र में डुमरी क्षेत्र के 11KV गोमिया फीडर कार्य, ताराटांड़ सब स्टेशन से निजी फैक्ट्री को डेडिकेटेड फीडर उपलब्ध कराने और लाइन शिफ्टिंग कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
इसके अलावा उपभोक्ता संख्या JMB1493 से जुड़े मामले में लाखों रुपये की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए गए हैं। संघ ने कहा है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होने पर कई गंभीर तथ्य सामने आ सकते हैं।
“बिना अवैध राशि दिए काम होना मुश्किल”
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतों से यह स्पष्ट हो रहा है कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अवैध राशि दिए आम उपभोक्ताओं का कार्य कराना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने पूरे मामले में मुख्यालय स्तर पर उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि निगम को हो रहे आर्थिक नुकसान और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।
कई विभागों को भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि
संघ ने इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव झारखंड सरकार, प्रबंध निदेशक झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड, निदेशक झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड और महाप्रबंधक (तकनीकी), विद्युत आपूर्ति क्षेत्र धनबाद को भी भेजी है।
