JPSC-JSSC आंदोलन पर JMM का पलटवार, मनोज पांडेय बोले- ‘कोचिंग संचालकों के कंधे पर बंदूक रखकर काम कर रही BJP’
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JPSC-JSSC Reform मंच की ओर से सरकार को दोबारा आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद झारखंड में छात्र मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। मंच ने कहा है कि अगर सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है, तो फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस पर झामुमो प्रवक्ता मनोज कुमार पांडेय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों को छात्र मानने से इनकार करते हुए कोचिंग संचालकों पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
प्रमुख बातें
- JPSC-JSSC Reform मंच ने दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी।
- JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने मंच से जुड़े बयान देने वालों को छात्र मानने से इनकार किया।
- मनोज पांडेय ने कुछ कोचिंग संचालकों पर BJP के फंड और इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
- उन्होंने BJP पर झारखंड में कोचिंग संचालकों के जरिए राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया।
- बिहार की 1,700 दारोगा भर्ती को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए।
- झारखंड में भर्ती मामलों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
‘कोचिंग संचालक BJP के फंड पर काम करते हैं’
मनोज कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संचालक भाजपा के फंड पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग भाजपा की ‘दलाली’ कर रहे हैं और पार्टी के इशारे पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा झारखंड में कुछ कोचिंग संचालकों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना राजनीतिक काम कर रही है। हालांकि, ये आरोप मनोज पांडेय की ओर से लगाए गए हैं और इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण इस बयान में प्रस्तुत नहीं किया गया।
‘बयान देने वाले छात्र नहीं’
JPSC-JSSC Reform मंच की आंदोलन की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज पांडेय ने बयान देने वालों को छात्र मानने से भी इनकार किया। उनके मुताबिक, छात्र हित के नाम पर सामने आने वाले कुछ लोग वास्तव में राजनीतिक एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं।
बिहार की दारोगा भर्ती का भी उठाया मुद्दा
मनोज पांडेय ने अपने बयान में बिहार की दारोगा भर्ती को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित बिहार में 1,700 दारोगा की बहाली पैसे के बल पर की गई और इसमें भाई-भतीजावाद हुआ, जबकि आम छात्र सड़क पर रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में भाजपा का ‘चश्मा’ बदल जाता है, जबकि झारखंड में भर्ती से जुड़े मामलों की जांच को लेकर अलग रुख अपनाया जाता है।
गौरतलब है कि बिहार में दारोगा भर्ती को लेकर मनोज पांडेय के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं की गई है।
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‘झारखंड में जांच हो रही है, दोषी नहीं बचेंगे’
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर मनोज पांडेय ने कहा कि मामलों की जांच चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सरकार की ओर से जांच प्रक्रिया को कार्रवाई का आधार बताया।
JPSC-JSSC Reform मंच की चेतावनी के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, JPSC-JSSC Reform मंच ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उसके वादों को पूरा नहीं किया गया तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसी बयान के बाद JMM प्रवक्ता की प्रतिक्रिया सामने आई है। अब विवाद सिर्फ भर्ती परीक्षाओं और छात्रों की मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
