AJSU Party Sanjay Mehta

आजसू पार्टी ने गिनाईं हेमंत सोरेन सरकार की 9 बड़ी विफलताएं।

झारखंड/बिहार विधानसभा चुनाव

हेमंत सरकार पर आजसू का बड़ा हमला, संजय मेहता बोले – “सरकार ने हर मोर्चे पर किया झारखंड की जनता से विश्वासघात”

मुख्य बिंदु:

  • आजसू महासचिव संजय मेहता ने हेमंत सरकार को बताया “विफल और विश्वासघाती सरकार”

  • नौकरी, शिक्षा, विस्थापन, कानून व्यवस्था और आरक्षण के मुद्दों पर सरकार को घेरा

  • घाटशिला में वोट मांगने का नैतिक अधिकार गंवाने का लगाया आरोप

  • कहा – “जनता अब जवाब देगी, आजसू लड़ेगी जनमुद्दों की लड़ाई”


रांची: हेमंत सरकार पर आजसू का तीखा प्रहार

झारखंड में उपचुनाव की सरगर्मी के बीच ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने झामुमो नेतृत्व वाली हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता संजय मेहता ने कहा कि यह सरकार जनता से किए गए किसी भी बड़े वादे को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो सरकार ने न केवल जनता के साथ विश्वासघात किया, बल्कि वोट मांगने का नैतिक आधार भी खो दिया है।

“हर मोर्चे पर फेल रही हेमंत सरकार”

संजय मेहता ने कहा कि सरकार ने नौकरी, नियोजन, विस्थापन, पुनर्वास, शिक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा,

“झारखंड की जनता ने भारी बहुमत से सरकार बनाई थी, लेकिन पांच साल में केवल वादे मिले, परिणाम नहीं। सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है।”

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“वादों का हाल – खोखले नारे और अधूरी योजनाएँ”

आजसू नेता ने सरकार के अधूरे वादों की पूरी सूची पेश की। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थानीय नीति, निजी क्षेत्र में आरक्षण, पेसा कानून और सरना कोड जैसे वादों को लागू नहीं किया।

“शिक्षक नियुक्ति से लेकर संविदा कर्मियों के नियमितीकरण तक, सरकार सिर्फ घोषणाएँ करती रही, ज़मीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ।”

घाटशिला में सरकार के पास नहीं कोई उपलब्धि

संजय मेहता ने घाटशिला उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता के सामने झामुमो या गठबंधन सरकार के पास दिखाने लायक कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा,

“घाटशिला की जनता ने सरकार पर भरोसा किया, लेकिन उन्हें मिला सिर्फ धोखा। ऐसे में वोट मांगने का नैतिक अधिकार सरकार खो चुकी है।”

सरकार की प्रमुख नाकामियां – आजसू ने गिनाए 9 मुद्दे

  1. रोजगार व नियोजन: युवाओं को नौकरी देने का वादा अधूरा, बेरोजगारी दर में कोई सुधार नहीं।

  2. शिक्षा व छात्रवृत्ति: बार-बार पेपर लीक, छात्रवृत्ति योजनाएं प्रभावी नहीं।

  3. विस्थापन व पुनर्वास: कोई स्पष्ट नीति नहीं, प्रभावित परिवार परेशान।

  4. कानून व्यवस्था: अपराध बढ़ा, हत्या की घटनाएं रोज हो रही हैं।

  5. पेसा कानून व सरना कोड: दोनों ही मुद्दों पर सरकार की चुप्पी।

  6. निजी क्षेत्र में आरक्षण: अब तक लागू नहीं, युवाओं को निराशा।

  7. भ्रष्टाचार: अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर, कार्रवाई न के बराबर।

  8. संविदा कर्मियों का नियमितीकरण: वादा अधूरा, समान वेतन का प्रश्न भी बाकी।

  9. ओबीसी आरक्षण व स्थानीय नीति: कोई ठोस कदम नहीं, सिर्फ बयानबाजी।

“सरकार किस मुँह से वोट मांग रही है?”

मेहता ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया, तो वह जनता से वोट किस आधार पर मांग रही है? उन्होंने कहा,

“हेमंत सरकार ने झारखंड की जनता का विश्वास तोड़ा है। अब जनता उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार है।”

“जनता जागे, जवाब दे”

आजसू नेता ने जनता से अपील की,

“अब समय है कि झारखंड की जनता इस सरकार की नाकामियों का जवाब दे। घाटशिला उपचुनाव में जनता सरकार को आईना दिखाएगी।”

“आजसू लड़ेगी जनमुद्दों की लड़ाई”

संजय मेहता ने कहा कि आजसू झारखंड के विकास, युवाओं के रोजगार, आदिवासी अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा,

“आजसू जनता की आवाज बनेगी, सड़कों से लेकर सदन तक जनमुद्दों की लड़ाई लड़ेगी।”

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