दिल्ली के बाद झारखंड में भी निजी स्कूल फीस नियंत्रण की मांग तेज.

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🟠 मुख्य बिंदु 

  • दिल्ली सरकार ने फीस नियंत्रण के लिए नया अध्यादेश लागू किया

  • झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस पहल का किया स्वागत

  • झारखंड सरकार से भी वैसा ही कानून लाने की मांग

  • निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर तीन-स्तरीय नियंत्रण तंत्र की वकालत

  • पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए मांगी गई सख्त व्यवस्था

  • चेतावनी: नीति नहीं आई तो राज्यव्यापी आंदोलन करेगी संस्था



✍️ झारखंड में भी लागू हो निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून: पेरेंट्स एसोसिएशन

रांची: दिल्ली सरकार द्वारा पारित “Delhi School Education (Transparency in Fixation and Regulation of Fees) Ordinance, 2025” की तर्ज पर अब झारखंड में भी निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस अध्यादेश का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से शीघ्र ऐसा ही कानून लाने की अपील की है।

🗣️ “दिल्ली का मॉडल ऐतिहासिक, झारखंड में हो त्वरित क्रियान्वयन”

संगठन के अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का यह अध्यादेश एक जन-हितैषी और जवाबदेह पहल है जिससे लाखों अभिभावकों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी वर्षों से निजी स्कूल फीस के नाम पर लूट मचाते रहे हैं और अब सरकार को इस पर कठोर कदम उठाना चाहिए।

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📋 पेरेंट्स एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

संगठन ने राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • तीन-स्तरीय नियामक प्रणाली लागू हो – स्कूल, जिला और राज्य स्तर पर फीस नियंत्रण समितियां बनें, जिनमें अभिभावकों के प्रतिनिधि भी शामिल हों।

  • अनुमोदन के बिना बढ़ी फीस को अवैध घोषित किया जाए – फीस वृद्धि को शिक्षा विभाग की स्वीकृति से जोड़ा जाए।

  • मनमानी पर दंडात्मक प्रावधान लागू हों – अवैध फीस वसूली पर जुर्माना, स्कूल की मान्यता रद्द जैसी सजा तय हो।

  • स्कूलों को खर्च और आय का सार्वजनिक विवरण देना अनिवार्य हो – जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

  • फीस विवाद निपटान के लिए अपीलीय तंत्र बने – जिला और राज्य स्तर पर फीस अपील प्राधिकरण गठित किया जाए।

⚠️ आंदोलन की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द कोई कदम नहीं उठाती है, तो वह राज्यव्यापी आंदोलन करेगा। इसके तहत आने वाले मानसून सत्र में विधायकों और मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर जनदबाव बनाया जाएगा।

📌 दिल्ली का मॉडल क्या है?

दिल्ली सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से निजी स्कूल फीस नियंत्रण अध्यादेश लागू किया है। इसके अंतर्गत:

  • बिना स्वीकृति फीस बढ़ाने पर जुर्माना और रिफंड का प्रावधान

  • स्कूलों को खर्चों का ब्योरा सार्वजनिक करना अनिवार्य

  • पारदर्शी और भागीदारी आधारित तीन-स्तरीय समिति प्रणाली

  • अभिभावकों के लिए न्यायिक अपील तंत्र की व्यवस्था

झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन का मानना है कि यदि राज्य सरकार इस मॉडल को अपनाती है, तो यह शिक्षा व्यवस्था को जवाबदेह और सुलभ बना सकता है।

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