“पहले भर्ती, फिर सृजन – नहीं तो ब्लैकआउट” : ऊर्जा कर्मियों का ऐलान.

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पहले भर्ती, फिर सृजन – नहीं तो ब्लैकआउट करेंगे विद्युत कर्मी” : झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ का बड़ा ऐलान

प्रमुख बिंदु

झारखंड में बिजली कर्मियों ने दी ब्लैकआउट आंदोलन की चेतावनी

80% रिक्त पदों पर नियमित बहाली की मांग

7000 मानव दिवस कर्मियों के भविष्य पर संकट

नई कार्यसमिति (2025-2027) का गठन

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रांची में ऊर्जा कर्मियों की राज्यस्तरीय बैठक

रांची प्रेस क्लब में रविवार को झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने की, जिसमें सभी एरिया बोर्ड और ट्रांसमिशन जोन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक झारखंड ऊर्जा विकास निगम 80% रिक्त पदों पर नियमित बहाली नहीं करता, तब तक नए पद सृजन का कोई औचित्य नहीं है। यदि सरकार ने इस मांग की अनदेखी की तो पूरे राज्य में विद्युत कर्मी ब्लैकआउट आंदोलन शुरू करेंगे।

7000 मानव दिवस कर्मियों का सवाल

संघ ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 7000 मानव दिवस कर्मी एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे हैं। ये संख्या निगम के कुल कर्मचारियों का लगभग 80% है। इन कर्मियों को लंबे समय से नियमितीकरण का इंतजार है। संघ का कहना है कि इनकी उपेक्षा अन्याय के समान है।

श्रमिक संघ की चार प्रमुख मांगें

बैठक में चार अहम मांगों को स्पष्ट किया गया:

1. तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की बहाली – सभी 80% रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति।

2. कार्य अनुभव को प्राथमिकता – 2016 और 2018 की तर्ज पर अनुभव आधारित बहाली व आयु सीमा में छूट।

3. सर्वे फाइल के आधार पर नियुक्ति – वर्ष 2014 के सर्वे के मुताबिक लगातार 10 वर्ष कार्यरत कर्मियों का सीधा नियमितीकरण।

4. समान नियम, समान अधिकार – अधिसूचना संख्या-625 को सभी कर्मियों पर समान रूप से लागू करना।

 

संघ ने साफ कहा कि इन मांगों को पूरा करने से ही कर्मियों को न्याय और अधिकार मिल पाएंगे।

नई कार्यसमिति का गठन

बैठक के दौरान अगले दो वर्षों (2025-2027) के लिए नई कार्यसमिति भी बनाई गई। इसमें प्रमुख पदों पर निम्नलिखित पदाधिकारी चुने गए:

अध्यक्ष – अजय राय

उपाध्यक्ष – दिवाकर मिश्रा, फलेश्वर महली, मो. रजी, उदय मिश्रा, मन्नू भगवान मिश्रा, उदय यादव

प्रधान महासचिव – अमित कुमार कश्यप

महामंत्री – अमित शुक्ला, कुणाल कुमार सिंह

संगठन मंत्री – विकास कुमार, पवन तिवारी, मुकेश साहू, प्रिंस कुमार

संयुक्त सचिव – उत्पल दास, आशीष दास, आनंद प्रमाणिक, मो. शमी, सुभाष ठाकुर, सुरेंद्र कुमार

कार्यसमिति सदस्य – सुरेश इंदवार, जलील अंसारी, नीलकमल गौतम, जितेंद्र दुबे, राजीव कुमार शुक्ला, दिलीप शर्मा, विद्यासागर, ऋषि कुमार, शाश्वत कुमार, सुनील कुमार, धर्मेंद्र पांडे, गौतम कुमार, वसीर अंसारी, प्रकाश कुमार, मो. अनवर

बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ – विजय कुमार सिंह, यूसुफ खान

 

सरकार पर बढ़ा दबाव

संघ की इस घोषणा से सरकार पर दबाव बढ़ गया है। यदि समय रहते बहाली और नियमितीकरण की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो झारखंड में बिजली आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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