SIR 2026: मतदाता सूची से नाम नहीं कटेगा, लेकिन इन 5 श्रेणियों के वोटर प्रारूप सूची में नहीं होंगे, CEO ने किया स्पष्ट
झारखंड में 30 जून से शुरू होने जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 को लेकर फैली भ्रम की स्थिति के बीच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मनमाने ढंग से मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
हालांकि, SIR 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में पांच श्रेणियों के “अन कलेक्टवल इन्यूमरेशन फॉर्म” वाले मतदाताओं को शामिल नहीं किया जाएगा। इन्हें ASDD सूची में प्रकाशित किया जाएगा।
प्रमुख बातें
30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा इन्यूमरेशन फेज।
हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले सभी मौजूदा मतदाता प्रारूप सूची में शामिल होंगे।
इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं।
पांच श्रेणियों के मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे।
5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची और ASDD सूची प्रकाशित होगी।
5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी।
क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार झारखंड में करीब 23 वर्षों बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया जा रहा है। यह एक “डी-नोवो” यानी नए सिरे से होने वाली प्रक्रिया है।
इस प्रक्रिया में सभी मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म दिया जाएगा। जो मतदाता हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करेंगे, उन्हें बिना किसी दस्तावेज की मांग के प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
किन 5 श्रेणियों के मतदाता प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे?
1. डुप्लिकेट या एकाधिक प्रविष्टि वाले मतदाता
ऐसे मतदाता जिनका नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों या एक ही विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों में दर्ज है।
केवल उसी मतदान केंद्र पर हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करना होगा जहां वे सामान्य रूप से निवास करते हैं।
अन्य स्थानों पर प्राप्त फॉर्म बिना हस्ताक्षर के वापस करना होगा।
अन्य प्रविष्टियों को ASDD सूची में शामिल किया जाएगा।
2. मृत मतदाता
मतदाता सूची के शुद्धिकरण के तहत मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे।
परिवार के सदस्य फॉर्म वापस कर कारण दर्ज करेंगे।
मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध होने पर जमा किया जा सकता है।
ऐसे नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।
3. स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता
जो मतदाता रोजगार, विवाह या अन्य कारणों से स्थायी रूप से किसी अन्य क्षेत्र में चले गए हैं।
पुराने मतदान केंद्र की सूची से नाम हटाया जाएगा।
परिवार या बीएलओ सत्यापन के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा।
ऐसे मतदाताओं को ASDD सूची में दर्ज किया जाएगा।
4. अनुपस्थित या अप्राप्य मतदाता
ऐसे मतदाता जिनके बारे में स्थानीय स्तर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बीएलओ द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
यदि व्यक्ति का पता नहीं चलता है तो नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होगा।
ऐसे मामलों को “Absent/Untraceable” श्रेणी में रखा जाएगा।
5. विदेशी नागरिक या फॉर्म पर हस्ताक्षर से इनकार करने वाले
इस श्रेणी में दो तरह के मामले शामिल हैं।
ऐसे लोग जिन्होंने किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर ली है।
ऐसे विदेशी नागरिक जिन्होंने गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया हो।
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण नहीं करा सकते।
ASDD सूची क्या है?
ASDD का अर्थ है:
A – Absent (अनुपस्थित)
S – Shifted (स्थानांतरित)
D – Duplicate (डुप्लिकेट)
D – Death (मृत)
इन सभी श्रेणियों की सूची मतदान केंद्र, पंचायत भवन, शहरी निकाय कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
मौजूदा मतदाताओं के लिए क्या जरूरी है?
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि:
2026 की वर्तमान मतदाता सूची में नाम दर्ज सभी मतदाताओं को हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करना अनिवार्य होगा।
कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है।
फॉर्म स्वयं, परिवार का वयस्क सदस्य या ऑनलाइन माध्यम से भी जमा किया जा सकता है।
झारखंड से बाहर रहने वाले मतदाता भी ईसीआईनेट और “बुक-ए-कॉल” सुविधा का उपयोग कर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
नए मतदाता कैसे जुड़ेंगे?
जो भारतीय नागरिक अभी मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे:
30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच
अथवा 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 की दावा-आपत्ति अवधि में
प्रपत्र-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
निर्वाचन विभाग के अनुसार:
30 जून – 29 जुलाई : इन्यूमरेशन फेज
5 अगस्त : प्रारूप मतदाता सूची एवं ASDD सूची का प्रकाशन
5 अगस्त – 4 सितंबर : दावा एवं आपत्ति अवधि
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि SIR 2026 का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
