झारखंड में 7,299 सहायक आचार्य पदों पर भर्ती, 18 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन
रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में सहायक आचार्य के 7,299 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
18 अक्टूबर तक आवेदन का मौका
भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।
सरकारी स्कूलों में खाली पद भरने की उम्मीद
लंबे समय से राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग होती रही है। ऐसे में 7,299 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों की अच्छी तरह जांच कर लेने की जरूरत है।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर छात्रों का आंदोलन जारी, CBI जांच की मांग तेज
रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का असंतोष एक बार फिर सामने आया है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग शामिल है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
आंदोलन से जुड़े कुछ छात्रों ने भूख हड़ताल का रास्ता भी अपनाया है। इससे मामला और गंभीर होता दिखाई दे रहा है।
सरकार पर बढ़ सकता है दबाव
भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार हो रहे विरोध के बीच सरकार के सामने छात्रों की मांगों पर ठोस कदम उठाने की चुनौती है। सरकार की ओर से पहले छात्रों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया है।
हालांकि, परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल छात्रों की मांग और आंदोलन राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
रांची, जमशेदपुर और धनबाद में Grain ATM की तैयारी, अब मशीन से मिलेगा राशन
रांची: झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। राज्य के रांची, जमशेदपुर और धनबाद में बायोमेट्रिक Grain ATM का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई गई है।
बायोमेट्रिक पहचान के बाद मिलेगा अनाज
Grain ATM के जरिए लाभुकों को बायोमेट्रिक पहचान के आधार पर राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य राशन वितरण को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।
इस व्यवस्था के जरिए लाभुकों को पारंपरिक राशन वितरण प्रणाली की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। 24 घंटे राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी इस योजना का हिस्सा बताई जा रही है।
राशन डीलरों ने जताई चिंता
नई तकनीक को लेकर राशन डीलरों की ओर से कुछ आपत्तियां भी सामने आई हैं। डीलरों का कहना है कि यदि मशीन आधारित व्यवस्था व्यापक स्तर पर लागू होती है तो पारंपरिक राशन दुकानों से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
ऐसे में सरकार के सामने तकनीक आधारित व्यवस्था लागू करने के साथ राशन डीलरों की चिंताओं का समाधान करने की चुनौती भी रहेगी।
मतदाता सूची को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली: मतदाता सूची में बदलाव और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर दिल्ली में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों की ओर से मतदाता सत्यापन और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी आपत्ति जताई है।
वहीं, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का पक्ष है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाने के लिए सत्यापन की प्रक्रिया जरूरी है।
झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा
मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद झारखंड के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। राज्य में भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में दिल्ली में उठ रहे सवालों और झारखंड की SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस आगे और तेज हो सकती है।
हालांकि, अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
शेयर बाजार की छुट्टी खत्म, सोमवार को निवेशकों की नजर बाजार की दिशा पर
मुंबई: गांधी जयंती के कारण शुक्रवार को बंद रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 5 अक्टूबर को दोबारा खुलेगा। शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण निवेशकों को लगातार तीन दिनों तक कारोबार से दूर रहना पड़ा।
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार दबाव में रहा
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिली थी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दिया।
अब निवेशकों की नजर सोमवार को बाजार खुलने के बाद शुरुआती कारोबार पर रहेगी।
किन संकेतों पर रहेगी नजर?
नए कारोबारी सप्ताह में विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक शेयर बाजारों का रुख और ब्याज दरों से जुड़े संकेत बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, बाजार की एक दिन की तेजी या गिरावट को देखते हुए लंबी अवधि की दिशा का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
