झारखंड की 14 में से चार लोकसभा सीटों के लिए 18 अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चार लोकसभा सीटें हैं। सिंहभूम, खूंटी, लोहरदगा और पलामू संसदीय सीट यहां पर 13 मई को वोट डाले जाएंगे।
NDA गठबंधन की बात करें तो सिंहभूम से गीता कोड़ा, खूंटी से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, लोहरदगा से समीर उरांव और पलामू से बीडी राम को टिकट दिया गया है। जबकि INDIA एलायंस की बात करें तो सिंहभूम लोकसभा सीट से झामुमो विधायक जोबा मांझी, खूंटी से कांग्रेस नेता कालीचरण मुंडा, लोहरदगा से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत और पलामू संसदीय सीट से राजद की ममता भुइयां चुनावी मैदान में किस्मत आज़मा रही हैं।

चौथे चरण में पड़ने वाले इन चार लोकसभा सीटों के मतदान को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंहभूम इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि, यहां से गीता कोड़ा कांग्रेस की सांसद थीं लेकिन उन्होंने ऐन वक्त पर पार्टी का दामन छोड़ दिया। खूंटी से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा बीजेपी के टिकट से एकबार फिर से किस्मत आज़मा रहे हैं। यहां से कालीचरण मुंडा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अर्जुन मुंडा को कड़ी टक्कर दी थी। बात अगर लोहरदगा लोकसभा सीट की करें तो यहां से बीजेपी के समीर उरांव हैं लेकिन कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है। 2019 के चुनाव में सुखदेव भगत ने कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। बाद में उन्होंने फिर से घर वापसी की। राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से पलामू के साथ ही चतरा लोकसभा सीट मांगी गई लेकिन फिलहाल पलामू से राजद ने ममता भुइयां को चुनावी मैदान में उतारा है। गठबंधन धर्म का पालन करते हुए राजद को यह सीट दी गई है। 2019 में चतरा संसदीय सीट से राजद ने चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी।
