दयाल स्टील लिमिटेड में मजदूर–प्रबंधन वार्ता सफल, 4 सितंबर तक मांगे पूरी करने का आश्वासन
मुख्य बिंदु:
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6 महीने से चल रहा विवाद त्रिपक्षीय वार्ता के बाद सुलझा
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मजदूरों को पहचान पत्र 4 सितंबर तक जारी करने पर सहमति
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सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया 31 अगस्त तक चुकाने का वादा
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न्यूनतम मजदूरी और ओवरटाइम पर अभी फैसला लंबित
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संतोष महतो ने चेताया – मांगें पूरी न हुईं तो होगा उग्र आंदोलन
रामगढ़ में वार्ता
रामगढ़ जेल रोड स्थित दयाल स्टील लिमिटेड चाहा प्लांट में मंगलवार को भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (बीकेएमएस) और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। मजदूरों की बुनियादी मांगों जैसे पहचान पत्र, गेट पास, न्यूनतम मजदूरी, सेवानिवृत्ति सुविधा और सुरक्षा उपकरण पर चर्चा हुई।
मजदूरों की प्रमुख मांगें
संघ ने साफ कहा कि मजदूरों को अब भी मौलिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। संघ की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में शामिल थीं –
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सभी मजदूरों को गेट पास और पहचान पत्र
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न्यूनतम मजदूरी और ओवरटाइम भुगतान
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सेवानिवृत्ति सुविधा और अवकाश अधिकार
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सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना
समझौते के बिंदु
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4 सितंबर, 2025 तक सभी मजदूरों को पहचान पत्र जारी किया जाएगा
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31 अगस्त, 2025 तक 26 सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया भुगतान होगा
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न्यूनतम मजदूरी और ओवरटाइम पर निर्णय के लिए प्रबंधन ने 4 सितंबर तक का समय मांगा है
संतोष महतो का बयान
बीकेएमएस के केंद्रीय सदस्य एवं जेएलकेएम के केंद्रीय सचिव संतोष महतो ने चेतावनी दी कि अगर प्रबंधन ने समय सीमा तक वादों को पूरा नहीं किया तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा – “मजदूरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
वार्ता में शामिल लोग
प्रबंधन की ओर से विजय कुमार हरलालका (छोटू बाबू), रविंद्र प्रसाद, रश्मिकांत तिवारी और प्रवीण कुमार मौजूद रहे।
मजदूर पक्ष से केंद्रीय उपाध्यक्ष रवि महतो, पदाधिकारी सुधीर अकेला, नगर अध्यक्ष पवन महतो, महिला नगर अध्यक्ष जयंती देवी, अन्य कई पदाधिकारी और सैकड़ों मजदूर शामिल हुए।
