अब कोचिंग सेंटर पर लगेगा अंकुश, झारखंड सरकार ने बनाया नया कानून
मुख्य बिंदु:
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50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों पर लागू होगा नया नियम
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फीस, कोर्स और अधिसंरचना पर होगी निगरानी
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16 वर्ष से कम आयु के छात्रों को पढ़ाने से पहले लेनी होगी अभिभावकों की अनुमति
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1000 से अधिक छात्रों वाले केंद्र में मनोचिकित्सक रखना अनिवार्य
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सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक ही चलेंगे कोचिंग सेंटर
रांची। झारखंड सरकार ने कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य विधानसभा ने झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब राज्य में 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थान को सख्त नियमों का पालन करना होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोचिंग संस्थान स्थापित करने के लिए संस्थानों को 5 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी। इसके अलावा हर संस्थान का अलग रजिस्ट्रेशन होगा और जिला एवं राज्य स्तर पर रेगुलेटरी कमेटी निगरानी करेगी।
छात्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
नए कानून के मुताबिक, 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों को दाखिला देने से पहले अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। 1000 से अधिक छात्रों वाले केंद्रों में मनोचिकित्सक की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
साथ ही, हर संस्थान को अपने शुल्क, कोर्स, ट्यूटर और अधिसंरचना की जानकारी रेगुलेटरी कमेटी और पोर्टल पर उपलब्ध करानी होगी। शिकायतों के निपटारे के लिए अलग सेल का गठन भी करना होगा।
समय और स्थान पर पाबंदी
कोचिंग संस्थानों में बैठने के लिए छात्रों को कम से कम 1 वर्ग मीटर जगह देनी होगी। वहीं, कक्षाएं केवल सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित होंगी।
इस नए कानून से झारखंड में कोचिंग संस्थानों पर अंकुश लगेगा और छात्रों को पारदर्शी एवं सुरक्षित माहौल मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे फीस की अनियमितता और अव्यवस्थित ढंग से चल रहे संस्थानों पर रोक लगेगी।
