RKDF यूनिवर्सिटी रांची ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाई
मुख्य बिंदु-
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RKDF विश्वविद्यालय रांची के कुलपति को “नोबल बॉन्ड – 2025 इंडो-थाई पैरागॉन अवार्ड्स” से सम्मानित किया गया।
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अनुसंधान और नवाचार में योगदान के लिए सम्मान मिला।
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यह पुरस्कार समारोह थाईलैंड के सियाम टेक्नोलॉजी कॉलेज में आयोजित किया गया।
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विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि उसके शैक्षणिक और अनुसंधान excellence को दर्शाती है।
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कुलपति को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में शानदार कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
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यह पुरस्कार RKDF विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ाता है।
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यह पुरस्कार छात्रों और शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक और आधुनिकता को वैश्विक स्तर पर उजागर करती है।
“नोबल बॉन्ड – 2025 इंडो-थाई पैरागॉन अवार्ड्स” में RKDF यूनिवर्सिटी के कुलपति को मिला विशिष्ट सम्मान
12-13 अप्रैल 2025 को थाईलैंड के सियाम टेक्नोलॉजी कॉलेज में आयोजित हुए प्रतिष्ठित “नोबल बॉन्ड – 2025 इंडो-थाई पैरागॉन अवार्ड्स” समारोह में RKDF यूनिवर्सिटी रांची के कुलपति, प्रोफेसर शुभचिंतागोष चटर्जी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

पुरस्कार की विशिष्टता और प्रोफेसर चटर्जी का योगदान
इस सम्मान में प्रोफेसर चटर्जी को “लाइफ मेंबर अचीवमेंट नेशनल अवार्ड” से नवाजा गया, जो उनके पूरे करियर में अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण योगदान की मान्यता है। इस पुरस्कार ने भारतीय और थाईलैंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता के अद्भुत मिश्रण को उजागर किया।
RKDF यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण
RKDF यूनिवर्सिटी के लिए यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों में इस पुरस्कार की सूचना मिलने पर खुशी की लहर दौड़ गई। कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पांडे ने इस अवसर पर कहा कि यह पुरस्कार विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक होगा और उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
RKDF यूनिवर्सिटी का अंतरराष्ट्रीय योगदान
RKDF यूनिवर्सिटी रांची ने हमेशा अपनी अकादमिक उपलब्धियों और अनुसंधान में नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। यह पुरस्कार भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को मजबूत करने का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।
