“झारखंडी स्वाद: हर निवाला संस्कृति और पोषण से भरपूर”– सुदिव्य सोनू.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर रोज़गार समाचार

मुख्य बिंदु- 

  1. कैबिनेट मंत्री सुधिव्य सोनू के आवास पर अरुणा तिर्की की विशेष भेंट।

  2. अजम अम्बा रेस्टोरेंट की संस्थापक ने झारखंडी ट्राइबल व्यंजन परोसे।

  3. मंत्री सुधिव्य सोनू ने ट्राइबल भोजन को सांस्कृतिक विरासत और पहचान से जोड़ा।

  4. अरुणा तिर्की ने पारंपरिक झारखंडी खाने को स्वास्थ्य के लिहाज से लाभकारी बताया।

  5. स्थानीय स्वाद को अपनाने की अपील करते हुए सुधिव्य सोनू ने कहा – “अपनी जड़ों से जुड़ें।”

  6. अरुणा तिर्की की पहल ‘अजम अम्बा’ झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई दे रही है।

  7. सुधिव्य सोनू ने राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इस पहल को सराहा।



कैबिनेट मंत्री सुधिव्य सोनू के आवास पर पहुंचीं अरुणा तिर्की, परोसी झारखंडी स्वाद और संस्कृति की थाली

रांची। झारखंड की पारंपरिक आदिवासी रसोई को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाली अजम अम्बा रेस्टोरेंट की संस्थापक अरुणा तिर्की शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री सुदिव्य सोनू के आवास पर विशेष भेंट के लिए पहुँचीं। उन्होंने मंत्री को झारखंड की सोंधी मिट्टी से जुड़ा विशुद्ध ट्राइबल भोजन परोसा।

Sudivya Sonu NewsCabinet Minister Jharkhand Ajam Emba Restaurant
यह सिर्फ भोजन नहीं, हमारी संस्कृति की थाली है

अरुणा तिर्की द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक व्यंजन न सिर्फ स्वादिष्ट थे, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक और खाद्य विरासत की झलक भी प्रस्तुत कर रहे थे।

“यह केवल भोजन नहीं, संस्कृति की थाली है” – सुदिव्य सोनू
मंत्री सुदिव्य सोनू ने इस मौके पर कहा, “यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की थाली है। हर निवाला परंपरा, पोषण और पहचान से जोड़ता है।”

उन्होंने कहा कि ट्राइबल भोजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद और प्राकृतिक पोषण से भरपूर होता है, जिसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

स्थानीय स्वाद को अपनाने की अपील
मंत्री ने सभी से अपील की कि वे स्थानीय स्वाद और खानपान संस्कृति को अपनाएं। उन्होंने कहा, “हमें अपनी जड़ों से जुड़ना चाहिए और इस विरासत को मजबूत करना चाहिए।”

अरुणा तिर्की और अजम अम्बा की पहल को सराहना
मंत्री सुदिव्य सोनू ने अरुणा तिर्की की पहल ‘अजम अम्बा’ की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक रेस्टोरेंट नहीं, बल्कि झारखंड के खानपान और परंपरा को पहचान दिलाने का आंदोलन है।

उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयास राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *