पेपर लीक विवाद पर कुणाल सारंगी का पलटवार, सीआईडी रिपोर्ट का हवाला—’अभ्यर्थियों को ठगा गया, पेपर लीक नहीं हुआ’
रांची : झारखंड में जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले पर मचे सियासी घमासान के बीच अब बड़ा अपडेट सामने आया है। सीआईडी ने बरामद साक्ष्यों के आधार पर दावा किया है कि पेपर लीक नहीं हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों को गुमराह किया गया और उनसे ठगी की गई है।
इसी मुद्दे पर झामुमो के पूर्व विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के क़रीबी नेता कुणाल सारंगी ने विपक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा—
“पेपर लीक-लीक का हाय तौबा मचाने वालों… अब भी कोई शक! पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचार पर नो टॉलरेंस यही है हेमंत सोरेन सरकार!”
कुणाल सारंगी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि सरकार, संस्था और व्यवस्था को बदनाम करने की साज़िश की गई। उनका कहना है कि विपक्ष के नेताओं के संरक्षण में यह खेल खेला गया, जिसके जरिए अभ्यर्थियों को दिग्भ्रमित किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस साजिश का पर्दाफाश होगा और दोषियों को कड़ी सज़ा मिलेगी। साथ ही हैशटैग #हेमंत_ही_हिम्मत_है का इस्तेमाल करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व को पारदर्शी शासन का प्रतीक बताया।
