फोरेंसिक उपकरण खरीद में घोटाले का आरोप, आदित्य साहू का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला
झारखंड में फोरेंसिक डिटेक्टिव उपकरण की खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद Aditya Sahu ने राज्य सरकार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
“लूट और भ्रष्टाचार की सरकार बन चुकी है”
आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री Hemant Soren के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में हर दिन घोटाले सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार “एक-दो नहीं बल्कि हजार हाथों से झारखंड को लूट रही है।”
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“हर विभाग में घोटाले, बिना पैसे काम नहीं”
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत से लेकर सचिवालय तक और मंत्री से लेकर मंत्रालय तक भ्रष्टाचार व्याप्त है।
साहू के मुताबिक, राज्य में बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा और हर स्तर पर लूट-खसोट का माहौल है।
गरीबों की समस्याएं बनाम सरकारी लूट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जहां एक ओर
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गरीब पेंशन के लिए परेशान हैं
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छात्र किताब, ड्रेस और छात्रवृत्ति के लिए तरस रहे हैं
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मरीज दवाइयों के लिए भटक रहे हैं
वहीं दूसरी ओर सरकार खजाने की लूट में व्यस्त है।
229% महंगी खरीद का आरोप
आदित्य साहू ने दावा किया कि फोरेंसिक उपकरण की खरीद 229% अधिक कीमत पर की गई है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस मशीन को दिल्ली में करीब 19 लाख रुपये में खरीदा गया, वही मशीन झारखंड में करीब 74.89 लाख रुपये में खरीदी गई।
“यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा”
साहू ने इसे भ्रष्टाचार की चरम सीमा बताते हुए कहा कि यह राज्य के संसाधनों का खुला दुरुपयोग है और शहीदों के सम्मान के खिलाफ है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि:
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इस खरीद की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
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संबंधित फाइलों को तुरंत जब्त किया जाए
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दोषी अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए
साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी राज्य को “दीमक की तरह खोखला” कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह मामला झारखंड की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।
