Paras HEC Hospital में बिना Surgery Knee Pain का इलाज, RFA Technique से राहत

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर

बिना ऑपरेशन घुटने के दर्द का इलाज: रांची में नई तकनीक से मरीजों को राहत

Top Points
बिना सर्जरी घुटने के दर्द का इलाज संभव
रेडियोफ्रीक्वेंसी एबलेशन (RFA) तकनीक शुरू
6 से 18 महीनों तक मिल सकती है राहत
डे-केयर प्रक्रिया, जल्दी सामान्य जीवन में वापसी

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रांची में आधुनिक इलाज की शुरुआत, सर्जरी के बिना राहत
रांची के पारस एचईसी हॉस्पिटल में घुटनों के दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए एक नई और आधुनिक सुविधा शुरू की गई है। अब मरीज बिना ऑपरेशन के भी लंबे समय तक दर्द से राहत पा सकते हैं। अस्पताल में रेडियोफ्रीक्वेंसी एबलेशन (RFA) तकनीक के जरिए यह उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

यह तकनीक खासकर उन मरीजों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जो टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) जैसी सर्जरी से बचना चाहते हैं या किसी कारणवश ऑपरेशन नहीं करा सकते।

क्या है RFA तकनीक और कैसे करती है काम
रेडियोफ्रीक्वेंसी एबलेशन (RFA) एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है। इसमें दर्द पैदा करने वाली नसों के सिग्नल को ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे मरीज को लंबे समय तक राहत मिलती है।

डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद मरीज को 6 से 18 महीनों तक दर्द से राहत मिल सकती है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती और जोखिम भी काफी कम होता है।

घुटनों के अलावा अन्य दर्द में भी कारगर
अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. निर्मल के अनुसार, RFA तकनीक सिर्फ घुटनों तक सीमित नहीं है। यह पीठ, गर्दन, कंधे, कूल्हे और अन्य क्रॉनिक जॉइंट पेन में भी असरदार साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती उम्र के कारण जोड़ों के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह तकनीक मरीजों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।

डे-केयर प्रक्रिया: जल्दी घर वापसी, जल्दी राहत
RFA एक डे-केयर प्रक्रिया है, जिसमें मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत नहीं होती।
कुछ ही घंटों में प्रक्रिया पूरी
कम दर्द और कम जोखिम

जल्दी सामान्य गतिविधियों में वापसी
यह खासतौर पर उन लोगों के लिए राहतभरा विकल्प है, जो लंबी रिकवरी से बचना चाहते हैं।
अस्पताल प्रबंधन का क्या कहना है
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य मरीजों को आधुनिक और सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि RFA तकनीक उन मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो सर्जरी से बचना चाहते हैं या जिनके लिए ऑपरेशन संभव नहीं है।

मरीजों के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों ने मरीजों को सलाह दी है कि:
जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करें
समय पर डॉक्टर से परामर्श लें
अपनी स्थिति के अनुसार सही इलाज चुनें

निष्कर्ष
रांची में RFA तकनीक की शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह तकनीक न केवल मरीजों को सर्जरी से बचने का विकल्प देती है, बल्कि उन्हें जल्दी और प्रभावी राहत भी प्रदान करती है। ऐसे में घुटने और अन्य जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है।

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