उच्च न्यायालय जाने की धमकी, यदि अनुदान वृद्धि पर सहमति नहीं दी गई.

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मुख्य बिंदु:

  1. 75% अनुदान वृद्धि का प्रस्ताव, महंगाई के कारण विद्यालयों को राहत देने की कोशिश।

  2. वित्त विभाग की आपत्ति के बाद प्रस्ताव को 25 अप्रैल 2025 को पुनः सहमति के लिए भेजा गया।

  3. सरकार ने 2023-24 में डिग्री कॉलेजों को अनुदान नियमावली में संशोधन किया, लेकिन अन्य विद्यालयों के लिए यह वृद्धि अब तक लटक रही है।

  4. 10 वर्षों के बाद यह अनुदान वृद्धि का प्रस्ताव किया जा रहा है, जो शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण राहत हो सकता है।

  5. संस्कृत और मदरसा विद्यालयों को भी इस संशोधन में शामिल करने की मांग।

 

झारखंड में विद्यालयों के अनुदान में 75% वृद्धि पर सरकार से त्वरित सहमति की मांग

रांची: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड के इंटरमीडिएट कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के अनुदान में 75% वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव महंगाई के मद्देनजर तैयार किया गया है, जिससे इन विद्यालयों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिल सके।

75% अनुदान वृद्धिझारखंड शिक्षा विभाग
अनुदान वृद्धि पर सरकार को त्वरित सहमति देने की मांग

वित्त विभाग की आपत्तियाँ और निराकरण

वित्त विभाग ने पहले इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए इसे लौटा दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने आपत्तियों का बिंदुवार निराकरण किया और 25 अप्रैल 2025 को इसे पुनः सहमति के लिए वित्त विभाग को भेज दिया। वित्त विभाग ने पहले यह तर्क दिया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 करोड़ रुपये की राशि उपबंधित है, जबकि प्रस्तावित वृद्धि से अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, जो अनुपूरक बजट से संभव नहीं है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा कई नए कल्याणकारी योजनाओं के लागू होने से राज्य के वित्तीय संसाधन पर अतिरिक्त दबाव आएगा।

डिग्री कॉलेजों को मिल रहा है अनुदान, अन्य विद्यालयों को क्यों नहीं?

सरकार ने 2023-24 में डिग्री कॉलेजों के लिए 2015 के अनुदान नियमावली में संशोधन किया और उन्हें अनुदान देना शुरू कर दिया। लेकिन इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के लिए 75% अनुदान वृद्धि का प्रस्ताव वित्तीय कमी के कारण लटका हुआ है। मोर्चा के अध्यक्ष मंडल ने बैठक में यह तय किया कि यदि सरकार ने इस प्रस्ताव पर शीघ्र सहमति नहीं दी, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

अनुदान वृद्धि प्रस्तावसंस्कृत और मदरसा विद्यालयों का अनुदान
10 साल बाद अनुदान राशि में बढ़ोतरी का प्रस्ताव

प्रस्ताव की मंजूरी से शिक्षकों को मिलेगी राहत

इस प्रस्ताव की मंजूरी मिलने के बाद राज्य के 189 इंटर कॉलेज, 300 उच्च विद्यालय, 40 संस्कृत विद्यालय और 46 मदरसा विद्यालयों में कार्यरत 7,000 से 8,000 शिक्षक कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह अनुदान वृद्धि 10 वर्षों बाद की जा रही है, क्योंकि 2015 के बाद से अनुदान राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई थी।

संस्कृत और मदरसा विद्यालयों के लिए भी संशोधन की मांग

बैठक में यह भी आग्रह किया गया कि संस्कृत और मदरसा विद्यालयों को भी संशोधन की श्रेणी में लाया जाए, ताकि इन विद्यालयों के शिक्षक भी इस अनुदान वृद्धि का लाभ उठा सकें। मोर्चा के अध्यक्ष कुंदन कुमार सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, अरविंद सिंह, मनीष कुमार और अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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