बारामुड़ी खटाल विवाद में आमने-सामने जयराम महतो, ढुल्लू महतो और पप्पू यादव, धनबाद की सियासत में बढ़ा तनाव
धनबाद का बारामुड़ी खटाल विवाद अब सिर्फ जमीन और विस्थापन का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि झारखंड की राजनीति में बड़े टकराव का रूप ले चुका है। इस मामले में डुमरी विधायक और JLKM प्रमुख जयराम महतो, भाजपा सांसद ढुल्लू महतो और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पप्पू यादव के धनबाद पहुंचकर खटाल बचाओ आंदोलन को समर्थन देने के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।
प्रमुख बातें
- बारामुड़ी खटाल हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में आंदोलन तेज।
- पप्पू यादव ने 4 नवंबर को धनबाद पहुंचकर खटाल संचालकों को समर्थन दिया।
- पप्पू यादव ने खटाल हटाने की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा अल्टीमेटम दिया।
- जयराम महतो और ढुल्लू महतो के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी।
- जयराम महतो की टिप्पणियों से नाराज यादव समाज ने विरोध प्रदर्शन किया।
- सोशल मीडिया पर कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला पुलिस तक पहुंचा।
क्या है बारामुड़ी खटाल विवाद?
धनबाद के बारामुड़ी इलाके में खटाल हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। जिला प्रशासन की ओर से खटाल को हटाने और अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई के आदेश के बाद यहां रहने वाले खटाल संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया।
खटाल संचालकों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रहकर अपना कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें हटाने से उनके सामने रोजी-रोटी और रहने का संकट पैदा हो जाएगा। वहीं, विरोध कर रहे राजनीतिक नेताओं का आरोप है कि गरीबों को विस्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इस कार्रवाई को लेकर जमीन और भू-माफिया से जुड़े आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
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पप्पू यादव की एंट्री से गरमाई धनबाद की राजनीति
बारामुड़ी खटाल विवाद में 4 नवंबर 2026 को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की एंट्री हुई। वे धनबाद पहुंचे और यादव महासभा के बैनर तले आयोजित खटाल बचाओ आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
इस दौरान पप्पू यादव ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बारामुड़ी से खटाल हटाने की कार्रवाई उनकी लाश पर ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि गरीबों को उजाड़ने की कोशिश की गई तो वे धनबाद से रांची तक पैदल मार्च करेंगे।
पप्पू यादव ने धनबाद के अंचल अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारी की संपत्ति की जांच कराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिखने की बात कही। साथ ही ऐलान किया कि वे संसद के आगामी सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएंगे।
पप्पू यादव ने यह भी दावा किया कि इस मामले को लेकर उनकी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है और उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है।
जयराम महतो और ढुल्लू महतो के बीच बढ़ा टकराव
बारामुड़ी खटाल विवाद ने धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
जयराम महतो और उनकी पार्टी JLKM लगातार धनबाद की राजनीति, कथित माफिया संरक्षण और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर ढुल्लू महतो पर सवाल उठाते रहे हैं। खटाल विवाद में भी JLKM ने खटाल संचालकों के समर्थन में अपनी स्थिति रखी है।
दूसरी ओर, ढुल्लू महतो ने जयराम महतो की विचारधारा और राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए। उन्होंने जयराम महतो को नक्सली विचारधारा से प्रभावित बताते हुए आरोप लगाया कि वे माफियाओं से पैसे लेकर विरोध की राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।
जयराम महतो की टिप्पणी से नाराज यादव समाज, पुतला दहन
खटाल विवाद के बीच जयराम महतो की कुछ टिप्पणियों को लेकर यादव समाज के लोगों में नाराजगी सामने आई है। बाहरी-भीतरी और खतियान से जुड़े मुद्दों पर उनकी टिप्पणियों के विरोध में यादव समाज के लोगों ने धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर उनका पुतला दहन किया।
इस घटनाक्रम के बाद विवाद का दायरा खटाल संचालकों के विस्थापन से आगे बढ़कर सामाजिक और राजनीतिक टकराव तक पहुंच गया है।
पप्पू यादव और ढुल्लू महतो के बीच भी जुबानी जंग
पप्पू यादव के धनबाद पहुंचने के बाद भाजपा सांसद ढुल्लू महतो और भाजपा नेताओं की ओर से उनकी इस एंट्री पर सवाल उठाए गए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बिहार से आकर सिर्फ अपनी राजनीतिक पहचान चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, पप्पू यादव ने भी ढुल्लू महतो पर पलटवार किया। उन्होंने अवैध कोयला कारोबार से कमाई को लेकर आरोप लगाए और कहा कि ढुल्लू महतो ने जितना कमाया है, उससे ज्यादा बांट चुके हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब भी इस विवाद में महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पर गाली-गलौज का मामला पहुंचा थाने
बारामुड़ी खटाल विवाद का असर अब सोशल मीडिया पर भी दिखाई देने लगा है। सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अभद्र भाषा और अपशब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
सांसद समर्थकों की ओर से इस संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है। राजनीतिक समर्थकों के बीच बढ़ती बयानबाजी और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप ने धनबाद का माहौल और तनावपूर्ण बना दिया है।
खटाल विवाद से किसे होगा राजनीतिक फायदा?
बारामुड़ी खटाल विवाद ने धनबाद की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ खटाल संचालक अपने रोजगार और विस्थापन को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राजनीतिक दल और नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी भूमिका सामने रख रहे हैं।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है। क्या खटाल संचालकों को कोई वैकल्पिक व्यवस्था मिलेगी? क्या मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले में हस्तक्षेप होगा? और क्या जयराम महतो, ढुल्लू महतो तथा पप्पू यादव के बीच जारी राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज होगा?
फिलहाल बारामुड़ी खटाल विवाद धनबाद की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
