JPSC-JSSC मामले में CID की बंद लिफाफे वाली रिपोर्ट पर बाबूलाल मरांडी का बयान

22 परीक्षाएं, CID रिपोर्ट और बंद लिफाफा… बाबूलाल ने पूछे ये बड़े सवाल

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर रोज़गार समाचार

PSC-JSSC मामला: ‘बंद लिफाफे’ में CID रिपोर्ट देने पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC की परीक्षाओं को लेकर विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CID की जांच रिपोर्ट को कथित तौर पर बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश किए जाने के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने सोशल मीडिया पर साझा किए अपने बयान में पूछा कि जांच रिपोर्ट को बंद लिफाफे में देने की जरूरत क्यों पड़ रही है और इसमें इतनी देरी क्यों हुई।

प्रमुख बातें

  • CID रिपोर्ट को बंद लिफाफे में देने के प्रस्ताव पर बाबूलाल मरांडी के सवाल
  • हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 48 घंटे का समय दिया
  • राज्य सरकार के 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक फिलहाल जारी
  • मरांडी ने JPSC-JSSC मामलों की जांच CBI या स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है
  • JSSC-CGL जांच में 135 सवाल-जवाब रटाए जाने का दावा जांच में सामने आया है

‘बंद लिफाफे में ही क्यों?’—बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि यदि CID ने JPSC-JSSC मामले की जांच की है, तो रिपोर्ट को बंद लिफाफे में कोर्ट के सामने रखने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने रिपोर्ट पेश करने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाया।

मरांडी ने यह भी सवाल किया कि क्या 22 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के पीछे ऐसी कोई जानकारी है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहती है सरकार। हालांकि, यह सवाल मरांडी द्वारा उठाया गया राजनीतिक आरोप/सवाल है, न कि इस बात का स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य कि सरकार किसी जानकारी को छिपा रही है।

रांची में फिर चला बुलडोजर अभियान, विरोध में उमड़ी भीड़

हाईकोर्ट ने सरकार को दिया 48 घंटे का समय

JPSC-JSSC से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ चल रही सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अगली सुनवाई 18 सितंबर को होनी है।

सरकार ने 18 अगस्त को 22 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके अलावा कुछ अन्य परीक्षाओं को रोकने और पुरानी परीक्षाओं की जांच के दायरे में लाने का भी फैसला किया गया था। हाईकोर्ट ने फिलहाल संबंधित रद्दीकरण आदेशों पर पहले से लागू अंतरिम रोक को बरकरार रखा है।

JSSC-CGL जांच का भी किया जिक्र

मरांडी ने अपने बयान में JSSC-CGL मामले की पिछली CID जांच का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि इस मामले में जांच की पारदर्शिता को लेकर पहले भी सवाल उठे हैं।

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, JSSC-CGL मामले की मौजूदा CID जांच में 28 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले नेपाल ले जाने और वहां 135 प्रश्नों के उत्तर रटाए जाने का दावा सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में जांच के दौरान इनमें से 120 प्रश्नों के परीक्षा में पूछे जाने की बात भी सामने आई है। ये जांच में सामने आए आरोप/दावे हैं और मामले में जांच एवं कानूनी प्रक्रिया जारी है।

CID ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और हालिया रिपोर्टों के अनुसार 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

झारखंड में 5 महीने से पेंशन बंद! बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा

‘लाखों युवाओं के सवालों का जवाब जरूरी’

बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में कहा कि मामला सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, बड़ा सवाल यह है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी कैसे हुई, इसके लिए जिम्मेदार कौन है और वर्षों तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य का क्या होगा।

मरांडी ने इसी आधार पर JPSC, JSSC और रद्द की गई परीक्षाओं की जांच CID के बजाय CBI या किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग दोहराई है। उनकी इस मांग का उल्लेख हालिया रिपोर्टों में भी किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *