NSE Share में दूसरे दिन ही बदला रुख! ₹1,830 तक पहुंचा, फिर ₹1,792 पर बंद; अब सोमवार पर नजर
नई दिल्ली: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE के शेयर की बाजार में एंट्री को अभी दो कारोबारी दिन ही हुए हैं, लेकिन शेयर की चाल ने निवेशकों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है। 24 सितंबर को ₹1,800 पर लिस्ट हुए NSE के शेयर ने पहले दिन ₹1,818 पर कारोबार खत्म किया था। लेकिन शुक्रवार, 25 सितंबर को तस्वीर बदली और शेयर 1.39% गिरकर ₹1,792.65 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर ₹1,830 तक गया, लेकिन वहां से फिसलकर ₹1,790 के दिन के निचले स्तर तक भी पहुंचा।
अब 26 सितंबर, शनिवार को शेयर बाजार बंद है। ऐसे में NSE के शेयर में अगला नियमित कारोबार सोमवार, 28 सितंबर को होगा। यही वजह है कि फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर है कि अगले कारोबारी सत्र में शेयर किस दिशा में कारोबार करता है। हालांकि, सोमवार को शेयर किस स्तर पर खुलेगा या आगे क्या रुख रहेगा, इसकी निश्चित भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।
प्रमुख बातें
- NSE शेयर की IPO कीमत: ₹1,785
- BSE पर लिस्टिंग: ₹1,800
- पहले दिन का बंद भाव: ₹1,818
- 25 सितंबर का हाई: ₹1,830
- 25 सितंबर का लो: ₹1,790
- 25 सितंबर का क्लोज: ₹1,792.65
- दूसरे दिन गिरावट: 1.39%
- NSE IPO का आकार: करीब ₹22,569 करोड़
- IPO को मिला सब्सक्रिप्शन: 5.71 गुना
- अगला नियमित कारोबारी सत्र: 28 सितंबर, सोमवार
पहले दिन मजबूत शुरुआत, दूसरे दिन मुनाफावसूली का दबाव
NSE के शेयर ने 24 सितंबर को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की। ₹1,785 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹1,800 पर लिस्ट हुआ। यानी शुरुआती स्तर पर करीब 0.84% का प्रीमियम मिला। कारोबार के दौरान शेयर में उतार-चढ़ाव रहा और अंत में यह ₹1,818 पर बंद हुआ। यह इश्यू प्राइस से करीब 1.85% ऊपर था।
लेकिन दूसरे कारोबारी दिन यानी 25 सितंबर को तेजी कायम नहीं रह सकी। शेयर ने कारोबार की शुरुआत के बाद ₹1,830 का उच्च स्तर बनाया, लेकिन इसके बाद दबाव बढ़ा। दिन के दौरान यह ₹1,790 तक गिरा और अंततः ₹1,792.65 पर बंद हुआ। पिछले बंद भाव ₹1,818 की तुलना में यह ₹25.35 यानी 1.39% की गिरावट है।
यहां एक बात समझना जरूरी है कि सिर्फ दो कारोबारी दिनों के आंकड़ों के आधार पर किसी शेयर की आगे की दिशा तय नहीं की जा सकती। नए लिस्ट हुए शेयरों में शुरुआती दिनों में ट्रेडिंग गतिविधि और कीमत में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है।
₹1,785 के इश्यू प्राइस से अभी भी ऊपर
दूसरे दिन गिरावट के बावजूद NSE का शेयर अपने IPO के इश्यू प्राइस से ऊपर है। ₹1,792.65 का बंद भाव ₹1,785 के इश्यू प्राइस से ₹7.65 ज्यादा है।
यानी 25 सितंबर के क्लोजिंग भाव के आधार पर IPO निवेशक अभी इश्यू प्राइस के मुकाबले मामूली बढ़त में हैं। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर का वास्तविक प्रदर्शन आने वाले कारोबारी सत्रों में ही ज्यादा स्पष्ट होगा।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि IPO में शेयर मिलने और बाजार से शेयर खरीदने की स्थिति अलग-अलग होती है। जिन निवेशकों को IPO में ₹1,785 पर शेयर मिले, उनका आधार मूल्य अलग है, जबकि लिस्टिंग के बाद ₹1,800 या किसी अन्य कीमत पर खरीदने वाले निवेशक का खरीद मूल्य अलग होगा।
₹22,569 करोड़ के IPO को मिली थी जोरदार मांग
NSE का IPO केवल शेयर बाजार की एक सामान्य लिस्टिंग नहीं थी। करीब ₹22,569 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों की तरफ से काफी मांग मिली थी। अंतिम दिन तक IPO को 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और 8.86 करोड़ से ज्यादा शेयरों के मुकाबले करीब 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
Qualified Institutional Buyers यानी QIBs ने सबसे ज्यादा रुचि दिखाई। इस हिस्से को 12.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इससे यह पता चलता है कि IPO में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी काफी मजबूत थी।
लेकिन यहां भी एक महत्वपूर्ण अंतर है—IPO का सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग के बाद शेयर का प्रदर्शन एक ही चीज नहीं है। IPO में कितनी बोली लगी, यह मांग को दर्शाता है; जबकि लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत पर बाजार में वास्तविक खरीद-बिक्री, कंपनी के नतीजे, कारोबारी माहौल और निवेशकों की अपेक्षाएं असर डालती हैं।
NSE की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
NSE की सबसे बड़ी खासियत उसका भारतीय शेयर बाजार में कारोबार का बड़ा आधार है। Reuters के अनुसार, मार्च 2026 के अंत तक NSE की कैश इक्विटी मार्केट में करीब 93% हिस्सेदारी और ऑप्शंस सेगमेंट में करीब 75% हिस्सेदारी थी। इसी रिपोर्ट के मुताबिक NSE पर निवेशकों की संख्या भी बढ़ी है।
इस बाजार हिस्सेदारी की वजह से NSE की कमाई और कारोबार का प्रदर्शन भारतीय पूंजी बाजार की गतिविधियों से काफी जुड़ा हुआ है। जब बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ता है, तो एक्सचेंज के कारोबार पर उसका असर पड़ सकता है। वहीं नियामकीय बदलाव और ट्रेडिंग पैटर्न में परिवर्तन भी कंपनी के कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं।
NSE IPO की एक खास बात—OFS
NSE के IPO को समझने के लिए एक और महत्वपूर्ण तथ्य है। यह Offer for Sale यानी OFS था। इसका मतलब है कि IPO के जरिए मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयर पेश किए, न कि कंपनी ने नए शेयर जारी करके अपने पास नई पूंजी जुटाई।
NSE के प्रबंध निदेशक और CEO आशीषकुमार चौहान ने भी लिस्टिंग के दौरान बताया था कि कंपनी को नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं थी, इसलिए OFS का रास्ता अपनाया गया।
इसका सीधा अर्थ यह है कि ₹22,569 करोड़ के IPO आकार को कंपनी के खाते में आई नई रकम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अब सोमवार को किन बातों पर रहेगी नजर?
26 सितंबर को शनिवार होने के कारण आज NSE के शेयर में नियमित कारोबार नहीं हो रहा है। इसलिए आज के दिन शेयर की नई कीमत बताना सही नहीं होगा। उपलब्ध अंतिम बाजार आंकड़ा 25 सितंबर का ₹1,792.65 है।
सोमवार को निवेशक मुख्य रूप से कुछ चीजों पर नजर रख सकते हैं—शेयर की शुरुआती कीमत, कारोबार की मात्रा, दिन का उच्च और निचला स्तर तथा बाजार की समग्र दिशा।
इसके अलावा NSE के शेयर के लिए आने वाले समय में कंपनी के वित्तीय नतीजे, ट्रेडिंग वॉल्यूम, बाजार में उसकी हिस्सेदारी और नियामकीय बदलाव महत्वपूर्ण कारक रहेंगे।
सिर्फ दो दिन से नहीं तय होगा NSE का भविष्य
NSE के शेयर ने अभी बाजार में सिर्फ दो कारोबारी सत्र पूरे किए हैं। इसलिए शुरुआती दो दिनों की चाल को कंपनी के लंबे समय के प्रदर्शन का अंतिम संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
पहले दिन शेयर ₹1,818 पर बंद हुआ और दूसरे दिन ₹1,792.65 पर। यानी दो दिनों में शेयर ने इश्यू प्राइस के ऊपर कारोबार किया है, लेकिन बीच में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है।
अब असली तस्वीर आने वाले कारोबारी सत्रों में धीरे-धीरे साफ होगी। निवेशकों के लिए IPO की कहानी खत्म हो चुकी है और अब कंपनी के लिस्टेड शेयर की वास्तविक बाजार यात्रा शुरू हुई है।
नोट: यह खबर उपलब्ध बाजार आंकड़ों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। शेयर बाजार में कीमतें बदलती रहती हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े 25 सितंबर 2026 के अंतिम उपलब्ध कारोबारी सत्र से संबंधित हैं। यह निवेश सलाह नहीं है।
