पलामू में अब लिखित परीक्षा के आधार पर होगी चतुर्थ वर्गीय पद की नियुक्ति – वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बड़ा बयान
मुख्य बिंदु:
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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में की गई नियुक्तियों को किया था रद्द
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अभ्यर्थियों की मांग पर अब लिखित परीक्षा के जरिए होगी बहाली
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता को देखते हुए बदला निर्णय
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कैबिनेट की स्वीकृति के बाद मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शुरू हुई नई बहाली प्रक्रिया
रांची, 14 जुलाई 2025- झारखंड के पलामू जिले में चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली से जुड़ा एक अहम फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में की गई नियुक्तियों को रद्द करने के बाद पुनः बहाली प्रक्रिया शुरू की गई थी। कोर्ट ने पलामू के उपायुक्त को निर्देश दिया था कि छह माह के भीतर नए सिरे से विज्ञापन निकाल कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
अंक के आधार पर बहाली का विरोध, अभ्यर्थियों ने उठाई लिखित परीक्षा की मांग
पलामू जिला प्रशासन ने जब पुनः विज्ञापन जारी किया, तो उसमें नियुक्ति प्रक्रिया को प्राप्त अंकों (शैक्षणिक योग्यता) के आधार पर पूरा करने का प्रावधान था। हालांकि, बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया और मांग की कि बहाली लिखित परीक्षा के आधार पर की जाए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।
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वित्त मंत्री ने कैबिनेट में उठाया मामला, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
इस विषय को लेकर झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष यह मामला रखा। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से नियुक्ति प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
लिखित परीक्षा से बहाली को मिली मंजूरी, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
11 जुलाई 2025 को हुई मंत्री परिषद की बैठक में एक बार फिर राधाकृष्ण किशोर ने यह मुद्दा उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि चतुर्थ वर्गीय पदों पर अब बहाली लिखित परीक्षा के आधार पर ही की जाएगी।
कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद मुख्य सचिव अलका तिवारी ने पलामू के उपायुक्त को लिखित परीक्षा आधारित बहाली प्रक्रिया को लागू करने का आदेश जारी कर दिया है।
इस फैसले से पलामू के हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है जो लंबे समय से निष्पक्ष और पारदर्शी बहाली की मांग कर रहे थे। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन कब तक लिखित परीक्षा की तिथि घोषित करता है और पूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शिता के साथ संपन्न होती है।
