जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी से छात्र नाराज, सरकार पर उठे सवाल
छात्रों की मांग अब भी अनसुनी
झारखंड सरकार अब तक छात्रों की मांग को पूरा करने में असमर्थ रही है। 15 कैबिनेट बैठकों के बाद भी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी है। छात्र 6 बार आंदोलन कर चुके हैं और 6 बार मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ये कहना है छात्र नेता सत्य नारायण शुक्ला का।
जेपीएससी का प्रतीकात्मक पिंडदान और निराशा का माहौल
निराश छात्रों ने जेपीएससी का प्रतीकात्मक पिंडदान कर सरकार के प्रति अपने आक्रोश को जाहिर किया है। सत्य नारायण शुक्ला का कहना है कि, सरकार जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है, जिससे छात्र दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

छात्रों की चेतावनी: या तो अध्यक्ष नियुक्त करो, या हमें फांसी दो
सरकार की अनदेखी से हताश छात्रों ने अब आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि या तो सरकार जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष नियुक्त करे या फिर उन्हें फांसी दे दे। यह बयान छात्रों की गहरी पीड़ा और निराशा को दर्शाता है, जिसे अब तक सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है।
झारखंड स्टेट स्टूडेंट एसोसिएशन की अपील
झारखंड स्टेट स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य नारायण शुक्ला ने सरकार से जल्द से जल्द इस मुद्दे को संज्ञान में लेने की अपील की है। उन्होंने झारखंड के 3.15 करोड़ आदिवासी-मूलवासियों से भी अनुरोध किया कि वे सरकार पर दबाव डालें ताकि छात्रों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने की नौबत न आए।
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