मतदाता सूची में नाम छूटा है तो तुरंत करें ये काम! चुनाव आयोग का बड़ा निर्देश, बीएलए को भी मिली जिम्मेदारी
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अब छूटे हुए पात्र भारतीय नागरिकों का नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेज होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फॉर्म-6 के जरिए पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कार्रवाई में तेजी लाई जाए।
प्रमुख बातें
- मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों का नाम फॉर्म-6 से जोड़ा जाएगा।
- सभी जिलों में अगले 2 दिन के भीतर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी।
- बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए छूटे पात्र मतदाताओं की पहचान में मदद करेंगे।
- एक बीएलए निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन जमा कर सकता है।
- मतदाता सूची से जुड़े आवेदन और आपत्तियों की जानकारी राजनीतिक दलों को नियमित रूप से दी जा रही है।
- मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश।
‘कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटे’
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़ने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रारूप प्रकाशन के बाद फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया।
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अगले 2 दिन में राजनीतिक दलों के साथ बैठक
निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी स्तर पर अगले दो दिनों के अंदर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए।
बैठक में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट को अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्र में छूटे हुए पात्र नागरिकों की पहचान करने और उनसे फॉर्म-6 जमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बीएलए रोज जमा कर सकेंगे 10 आवेदन
निर्धारित प्रक्रिया के तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए आवश्यक अंडरटेकिंग या घोषणा के साथ संबंधित बीएलओ के पास प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र जमा कर सकते हैं।
इससे मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
फॉर्म-6 से लेकर फॉर्म-11बी तक की जानकारी होगी उपलब्ध
मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के आवेदनों की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है।
इनमें प्रमुख रूप से:
- फॉर्म-6: नए मतदाता के रूप में पंजीकरण।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति।
- फॉर्म-8: नाम, फोटो, जन्मतिथि आदि में सुधार या एक मतदान केंद्र से दूसरे मतदान केंद्र में नाम स्थानांतरण।
- फॉर्म-9: फॉर्म-6 से प्राप्त आवेदनों से संबंधित सूची।
- फॉर्म-10: फॉर्म-7 से प्राप्त आपत्तियों की सूची।
- फॉर्म-11, 11ए और 11बी: फॉर्म-8 से संबंधित आवेदनों की सूची।

वेबसाइट पर भी मिलेगी जानकारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि संबंधित सूचियों की सॉफ्ट कॉपी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड की वेबसाइट पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार उपलब्ध रहती है।
इससे राजनीतिक दलों और उनके बीएलए को मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों की जानकारी नियमित रूप से मिलती रहेगी।
आपत्तियों पर सुनवाई के बाद ही कार्रवाई
मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने को लेकर फॉर्म-7 के जरिए प्राप्त आपत्तियों की सूची भी ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध है। इन आपत्तियों पर ईआरओ स्तर पर सुनवाई के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
‘मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता’
के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
