मुख्य बिंदु:
-
आजसू छात्र संघ ने सरकार पर लगाया छात्रवृत्ति रोकने का आरोप
-
बबलू महतो बोले – “सरकार की लापरवाही ने छात्रों को सड़क पर उतरने को मजबूर किया”
-
8 अक्टूबर को रांची में कल्याण कॉम्प्लेक्स का घेराव करेंगे छात्र
-
चेतावनी – “छात्रवृत्ति तुरंत जारी करो, वरना आंदोलन होगा उग्र”
रांची, 7 अक्टूबर 2025:
राज्य सरकार पर छात्रवृत्ति वितरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आजसू छात्र संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने आज रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महीनों से छात्र अपनी छात्रवृत्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” – बबलू महतो
बबलू महतो ने कहा कि सरकार की उदासीनता ने छात्रों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द छात्रवृत्ति जारी नहीं की, तो आंदोलन उग्र रूप लेगा।
उन्होंने कहा, “यह सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। अब छात्र चुप नहीं बैठेंगे। 8 अक्टूबर को पूरे झारखंड के छात्र रांची में कल्याण कॉम्प्लेक्स का घेराव करेंगे। यह सरकार के लिए चेतावनी है – या तो छात्रवृत्ति तुरंत दो, वरना संघर्ष तेज़ होगा।”
“यह आंदोलन अधिकार और सम्मान की लड़ाई है”
बबलू महतो ने कहा कि आजसू छात्र संघ लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखता आया है, लेकिन सरकार ने छात्रों की आवाज़ को अनसुना किया है। अब यह आंदोलन छात्रों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई बन गया है।
उन्होंने कहा, “सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। हम चाहते हैं कि हर छात्र को समय पर छात्रवृत्ति मिले, ताकि उसकी पढ़ाई बाधित न हो।”
8 अक्टूबर को झारखंड के छात्रों का रांची में जमावड़ा
बबलू महतो ने झारखंड के सभी जिलों के छात्रों, अभिभावकों और युवाओं से अपील की है कि वे 8 अक्टूबर को रांची पहुंचें और कल्याण कॉम्प्लेक्स घेराव में शामिल हों।
उन्होंने कहा कि जब तक हर योग्य छात्र को उसका हक़ नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान रवि रोशन, योगेश, प्रियांशु, बट्टू, शिवम, विवेक, सूरज, अंशु और ऋतिक सहित कई छात्र नेता मौजूद थे।
आजसू छात्र संघ ने एक बार फिर छात्रवृत्ति मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। 8 अक्टूबर का रांची घेराव छात्र संगठनों की एकजुटता और सरकार के खिलाफ छात्रों के बढ़ते आक्रोश का प्रतीक माना जा रहा है।
