झारखंड मुक्ति मोर्चा का भाजपा पर पलटवार: झूठे आरोपों को बताया साजिश, कहा– शहीदों का अपमान नहीं हुआ
मुख्य बिंदु
-
झामुमो ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह नकारा
-
महापुरुषों की तस्वीरें मंच पर सम्मानपूर्वक लगाई गई थीं
-
भाजपा पर सस्ती राजनीति और झूठ फैलाने का आरोप
-
संविधान और सामाजिक न्याय की बात करने पर भाजपा को घेरा
-
जनता सब समझ रही है, समय आने पर देगी जवाब: झामुमो
झूठे और भ्रामक प्रचार में लगी है भाजपा: झामुमो
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को “झूठा, भ्रामक और सस्ती राजनीति” करार दिया है। झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि भाजपा संवेदनशील मुद्दों पर भी राजनीतिक रोटियां सेंकने से बाज नहीं आ रही।
शहीदों का नहीं हुआ अपमान, मंच पर दी गई थी श्रद्धांजलि
महाधिवेशन को लेकर लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए झामुमो ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, बाबासाहेब अंबेडकर, सिद्धू-कान्हू सहित सभी महापुरुषों की तस्वीरें मंच पर श्रद्धा के साथ प्रदर्शित की गई थीं। वे मंच की शोभा थे और पूरी गरिमा के साथ लगाए गए थे।
संथाल विद्रोह से लेकर हिटलर की साजिश तक – 30 जून को इतिहास में क्या-क्या हुआ.
भाजपा की साजिश: जनता को गुमराह करने की कोशिश
झामुमो ने इसे झारखंड की जनता को गुमराह करने की एक सोची-समझी साजिश बताया। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पार्टी महापुरुषों की विचारधारा पर ही आधारित है और उनका बलिदान ही पार्टी के संघर्ष की प्रेरणा है।
भाजपा से तीखे सवाल: किस मुंह से लेते हैं बिरसा और अंबेडकर का नाम?
झामुमो ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा,
“जब संविधान और सामाजिक न्याय की भावना को कुचला जाता है, तब असली अपमान होता है। भाजपा के नीति-निर्माता, जिन्होंने आदिवासी अधिकारों को दबाया, वे किस मुंह से भगवान बिरसा मुंडा या बाबासाहेब का नाम लेते हैं?”
झूठ फैलाने से पहले तथ्यों की जांच करे भाजपा
झामुमो ने भाजपा को सलाह दी कि वह तथ्यों की जांच करे, न कि अफवाहें फैलाए। झामुमो के अनुसार, पार्टी अपने शहीदों और महापुरुषों के सम्मान के प्रति पूरी तरह समर्पित है और आगे भी रहेगी।
जनता जवाब देने के लिए तैयार: झामुमो
प्रवक्ता विनोद पांडेय ने विश्वास जताया कि झारखंड की जनता भाजपा की इस ओछी राजनीति को समझ चुकी है और उचित समय आने पर करारा जवाब देगी।
