राहुल गांधी पहले खुद और कांग्रेस के सांसद-विधायकों से इस्तीफा मांगें, फिर CEC से करें मांग: अशोक बड़ाईक
रांची: झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को देश की चुनाव प्रक्रिया पर संदेह है, तो उन्हें पहले अपनी पार्टी की जीत और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर भी सवालों का जवाब देना चाहिए।
प्रमुख बातें
- भाजपा प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर उठाए सवाल।
- झारखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत का किया जिक्र।
- राहुल गांधी से अपनी लोकसभा सदस्यता और कांग्रेस शासित राज्यों के विधायकों को लेकर जवाब मांगा।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से पहले आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करने को कहा।
कांग्रेस की जीत पर भी उठाए सवाल
अशोक बड़ाईक ने कहा कि यदि राहुल गांधी का दावा है कि देश के सभी चुनावों में वोट चोरी हुई है, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत को किस आधार पर देखा जाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर इतने गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस की चुनावी जीत और उन राज्यों में पार्टी के जनादेश को लेकर राहुल गांधी का क्या रुख है।
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राहुल गांधी से इस्तीफे की मांग
बड़ाईक ने कहा कि राहुल गांधी अपने आरोपों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें पहले अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का नैतिक साहस दिखाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों के विधायकों से भी इस्तीफे की मांग करने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी जीत को सही मानती है, जबकि दूसरी पार्टियों की जीत पर वोट चोरी का आरोप लगाती है। बड़ाईक ने इसे दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि चुनावी आरोपों के मामले में सभी दलों को जवाबदेह होना चाहिए।
CEC के इस्तीफे की मांग से पहले सबूत देने को कहा
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी से कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने से पहले उन्हें अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के साथ-साथ संबंधित तथ्यों को भी सामने रखना जरूरी है।
बड़ाईक ने कहा कि लोकतंत्र में आरोपों को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि उनकी प्राथमिकता चुनाव व्यवस्था में सुधार करना है या राजनीतिक आरोपों के जरिए मुद्दा उठाना।
यह बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनाव प्रक्रिया तथा कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में आया है। हालांकि, अशोक बड़ाईक की ये टिप्पणियां भाजपा का राजनीतिक पक्ष हैं; वोट चोरी से जुड़े आरोपों और उनके समर्थन में उपलब्ध साक्ष्यों का स्वतंत्र मूल्यांकन अलग विषय है।
