दिल्ली: CJP के तीन कार्यकर्ताओं को 5 दिन की न्यायिक हिरासत.
दिल्ली में CJP के सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के मामले में उनके वकील अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत में गलत जानकारी दी और एक अलग शिकायत का इस्तेमाल इस मामले में किया गया।
प्रमुख बातें
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CJP के सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
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अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने पुलिस की कार्रवाई और अदालत में दिए गए कथित बयान पर सवाल उठाए।
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वकील का दावा है कि तीनों ने लोगों को मौके पर बुलाने की कोई अपील नहीं की थी।
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उन्होंने यह भी कहा कि तीनों ने जमानत बांड की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया।
वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने बताया कि पुलिस की इस आशंका के आधार पर तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया कि वे दोबारा कोई अपराध कर सकते हैं। वकील के अनुसार, केवल इस आशंका के आधार पर हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठते हैं।
अदालत में गलत जानकारी देने का आरोप
वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत में कहा था कि संबंधित लोगों ने लोगों को वहां आने के लिए बुलाया था, जबकि उनके अनुसार ऐसा कोई आह्वान नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि तीनों ने अपने जमानत बांड की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है।
कनॉट प्लेस की अलग शिकायत के इस्तेमाल का दावा
अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस से जुड़ी एक अलग शिकायत का इस मामले में दुरुपयोग किया गया। उनका कहना है कि इसी आधार पर तीनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। हालांकि, पुलिस के आरोपों, अदालत के आदेश और मामले के अन्य तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक दस्तावेजों या पुलिस के पक्ष की जानकारी आवश्यक है। फिलहाल, पुलिस के खिलाफ लगाए गए ये आरोप संबंधित वकील के बयान पर आधारित हैं।
