आज नामांकन का अंतिम दिन, भाजपा ने अब तक नहीं खोले पत्ते; महागठबंधन ने बैजनाथ राम और प्रणव पर जताया भरोसा
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब तक अपने उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस बना हुआ है।
दूसरी ओर महागठबंधन ने झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी भी नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं।
प्रमुख बातें
आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन।
भाजपा ने अब तक उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की।
महागठबंधन ने बैजनाथ राम और प्रणव को उम्मीदवार बनाया।
निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी चुनाव मैदान में।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महागठबंधन विधायकों से एकजुट रहने की अपील की।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता।
भाजपा की रणनीति पर बना हुआ है सस्पेंस
नामांकन की अंतिम तिथि आने के बावजूद भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी की ओर से उम्मीदवार के नाम को लेकर लगातार मंथन जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अंतिम समय में रणनीतिक फैसला लेकर चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की है, लेकिन आधिकारिक घोषणा नहीं होने से सस्पेंस बरकरार है। यही कारण है कि राजनीतिक दलों और विधायकों की नजर भाजपा के अगले कदम पर टिकी हुई है।
महागठबंधन ने दिखाई एकजुटता
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में महागठबंधन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस और राजद के वरिष्ठ नेताओं सहित गठबंधन के विधायक मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से एकजुट होकर महागठबंधन के उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूती और समन्वय ही चुनाव में सफलता की कुंजी है।
बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला कि महागठबंधन अपने दोनों उम्मीदवारों बैजनाथ राम और प्रणव शाह को पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ाने की तैयारी में है।
राज्यसभा चुनाव का गणित क्या कहता है?
झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत होती है।
महागठबंधन के पास वर्तमान में 56 विधायकों का समर्थन है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। ऐसे में गठबंधन के लिए एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि दूसरी सीट के लिए राजनीतिक समीकरण और क्रॉस वोटिंग की संभावना चुनाव को रोचक बना सकती है। भाजपा और अन्य दलों की रणनीति पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
परिमल नाथवानी ने भी ठोकी ताल
राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का दावा पेश किया है। उन्होंने कहा है कि उनके पास पर्याप्त प्रस्तावक हैं और वे निर्धारित समय के भीतर अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
नाथवानी की एंट्री ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि उनकी जीत का रास्ता विभिन्न दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन पर निर्भर करेगा।
अंतिम समय में बढ़ी राजनीतिक हलचल
नामांकन के अंतिम दिन राजधानी रांची में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर है, जिसका जवाब नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने से पहले मिलने की उम्मीद है।
