झारखंड में मनरेगा कर्मियों की मांगों को लेकर बैठक, आंदोलन की रूपरेखा तय
रांची, 14 सितंबर 2025 – रांची जिला, नामकुम प्रखण्ड के आरा पंचायत सचिवालय में आज झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य संगठन के विस्तार और लंबित मांगों की पूर्ति हेतु आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना था।

बैठक की अध्यक्षता और मुख्य बातें
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पाण्डेय ने कहा कि राज्य भर के मनरेगा कर्मचारी सरकार की नीति के कारण परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार नए नियमों के माध्यम से मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मनरेगा कर्मी पिछले 18 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं, लेकिन केवल अल्प मानदेय ही उन्हें प्राप्त हो रहा है।

पाण्डेय ने आगे बताया कि कई वर्षों से कर्मचारी सेवा स्थाईकरण, वेतनमान, सेवा शर्त नियमावली में सुधार, ग्रेच्युटी, पेंशन, मकान किराया भत्ता, ग्रुप बीमा, मृत्यु मुआवजा, अनुकम्पा आधार पर नौकरी, शिक्षा भत्ता, दैनिक भत्ता, यात्रा भत्ता, बर्खास्तगी के स्थान पर निलंबन तथा राज्यांश टॉपअप जैसी मांगें कर रहे हैं। कई मांगों पर सरकार सहमत है, लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को 15 नवंबर तक अल्टीमेटम दिया जाएगा, इसके बाद संघ द्वारा जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
वेतनमान और स्थाईकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की चेतावनी
महासचिव दीपक महतो ने कहा कि सरकार ने 1.60 लाख अनुबंध कर्मियों को नियमित करने की घोषणा की है, लेकिन मनरेगा कर्मियों को इसमें शामिल किया गया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो जल्द ही आंदोलन तेज किया जाएगा।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जॉन पीटर बागे ने कहा कि मनरेगा कर्मियों के लिए दो तरह की नियमावली बनाई जा रही है – एक को ग्रेड पे और दूसरे को केवल मानदेय। उन्होंने मांग की कि सभी कर्मियों को समान रूप से वेतनमान और ग्रेड पे मिले। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मी 18 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं और इन्हें नियमित करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में मौजूद अन्य सदस्य
बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जॉन पीटर बागे, जीतेन्द्र सिंह, यासीन अंसारी, देवेन्द्र उपाध्याय, विकास पाण्डेय, जीतेन्द्र झा, नन्हे परवेज, संजय प्रामाणिक, सत्यम सिंह, संजय कुमार, आशुतोष श्रीवास्तव, अभिमन्यु तिवारी, पंकज सिंह, सुनील चन्द्र दास, सुरेन्द्र प्रसाद, सुराई हेमब्रम, शंकर सतपती, शम्भू गोप, गुंजन कुमार, अमित गुप्ता, रोहित ठाकुर, मुकेश राम सहित सैकड़ों मनरेगा कर्मी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार साझा किए।
बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि संघ की ओर से सरकार को 15 नवंबर तक अंतिम अल्टीमेटम दिया जाएगा और यदि मांगों को लागू नहीं किया गया, तो राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
