SIR प्रक्रिया में अनमैप्ड मतदाताओं को क्या करना होगा? क्या नाम कट जाएगा? मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दी पूरी जानकारी
रांची। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मतदाताओं के बीच कई तरह की आशंकाएं और सवाल सामने आ रहे हैं। खासकर अनमैप्ड मतदाताओं के बीच यह भ्रम बना हुआ है कि उन्हें क्या करना होगा, कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे और क्या उनका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। इन सभी सवालों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है।
प्रमुख बातें
- 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे।
- मैप्ड और अनमैप्ड दोनों मतदाताओं को फॉर्म भरकर वापस देना होगा।
- अनमैप्ड मतदाताओं को शुरुआत में कोई दस्तावेज जमा नहीं करना है।
- ERO की ओर से नोटिस मिलने पर ही दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
- केवल अनमैप्ड होने से मतदाता सूची से नाम नहीं कटेगा।
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को होगा।
सबसे पहले समझिए, अनमैप्ड मतदाता कौन हैं?
निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह से डिजिटल रूप से सत्यापित या मैप नहीं हो पाया है, उन्हें अनमैप्ड मतदाता की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं को अतिरिक्त सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
अनमैप्ड मतदाताओं को क्या करना होगा?
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि 30 जून से बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे।
अनमैप्ड मतदाताओं को:
- बीएलओ से प्राप्त फॉर्म लेना होगा।
- फॉर्म में अपनी अद्यतन फोटो लगानी होगी।
- आवश्यक जानकारी की जांच कर हस्ताक्षर करना होगा।
- भरा हुआ फॉर्म बीएलओ को वापस जमा करना होगा।
यदि अनमैप्ड मतदाता समय पर भरा हुआ और हस्ताक्षरित फॉर्म बीएलओ को सौंप देते हैं तो उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
क्या अभी दस्तावेज जमा करने होंगे?
इस सवाल पर निर्वाचन विभाग ने स्थिति साफ की है।
अनमैप्ड मतदाताओं को फॉर्म जमा करते समय किसी भी अतिरिक्त दस्तावेज को तत्काल जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
यदि बाद में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) को सत्यापन की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद ही आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
भोजपुरी-मगही-अंगिका विवाद पहुंचा दिल्ली, दीपिका पांडे ने बढ़ाया दबाव
कौन-कौन से दस्तावेज मांगे जा सकते हैं?
ERO द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद मतदाता को अपनी जन्म तिथि और पात्रता के आधार पर दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं।
इनमें शामिल हो सकते हैं:
- स्वयं का जन्म प्रमाण से जुड़ा दस्तावेज।
- माता या पिता से संबंधित दस्तावेज।
- माता और पिता दोनों से संबंधित दस्तावेज।
- आवश्यकता पड़ने पर दादा-दादी या नाना-नानी से संबंधित दस्तावेज।
हालांकि यह प्रक्रिया केवल उन मामलों में लागू होगी जहां ERO अतिरिक्त सत्यापन आवश्यक समझेंगे।
क्या SIR प्रक्रिया से नाम कट जाएगा?
यह सबसे बड़ा सवाल है जो मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार केवल अनमैप्ड श्रेणी में होने से किसी मतदाता का नाम स्वतः नहीं कटेगा।
यदि मतदाता समय पर फॉर्म भरकर जमा करता है और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची में बना रहेगा।
हालांकि यदि कोई मतदाता फॉर्म जमा नहीं करता, नोटिस का जवाब नहीं देता या आवश्यक सत्यापन पूरा नहीं करता, तो उसके मामले पर नियमों के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।
7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि दावा और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
इसलिए सभी मतदाताओं, विशेषकर अनमैप्ड मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे बीएलओ द्वारा दिए जाने वाले फॉर्म को समय पर भरकर जमा करें और किसी भी भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें।
निष्कर्ष
SIR प्रक्रिया में अनमैप्ड मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें केवल बीएलओ द्वारा दिए गए फॉर्म को भरकर वापस करना है। शुरुआत में किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। यदि बाद में ERO की ओर से नोटिस जारी किया जाता है, तभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। केवल अनमैप्ड होने की वजह से मतदाता सूची से नाम नहीं कटेगा।
