रामगढ़ सड़क हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत, बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे सभी मृतक
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के पास कोयला लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक सवारी वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां सात लोगों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य घायल की रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई।
प्रमुख बातें
- रामगढ़ के रजरप्पा थाना क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा।
- कोयला लदे ट्रक की टक्कर से 8 लोगों की मौत।
- सभी मृतक बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे।
- मृतक मारगमर्चा गांव और बलसगरा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आजसू नेता संजय मेहता ने हादसे पर शोक व्यक्त किया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मारगमर्चा गांव की बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बलसगरा जा रहे थे। सवारी वाहन में कुल आठ लोग सवार थे। इसी दौरान रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-23) पर लारी-बरलौंग के समीप तेज रफ्तार से आ रहे कोयला लदे ट्रक ने ओवरटेक करने के दौरान वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

गरीब परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतकों की पहचान बैंड-ताशा पार्टी से जुड़े मजदूरों के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सभी लोग मेहनत-मजदूरी और कार्यक्रमों में बैंड बजाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस हादसे ने कई परिवारों का सहारा हमेशा के लिए छीन लिया।
तीन दिनों में 12 मौतें, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारलौंग-लारी बुध बाजार क्षेत्र का यह हिस्सा लगातार हादसों का गवाह बन रहा है। पिछले तीन दिनों में इसी इलाके में 12 लोगों की जान जा चुकी है। लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए इस मार्ग पर तत्काल प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। वहीं आजसू नेता संजय मेहता ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
निष्कर्ष
रामगढ़ का यह भीषण सड़क हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस मार्ग पर ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।

