2025-26 अनुदान के लिए ऑनलाइन प्रपत्र नहीं भरने का निर्णय
रांची। राज्य के सभी अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधानाचार्य एवं संबंधित कर्मियों से मोर्चा ने अपील की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान के लिए ऑनलाइन प्रपत्र किसी भी परिस्थिति में न भरे जाएं। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सामूहिक रणनीति के तहत लिया गया है।
राज्यभर से मिल रही एकजुटता की जानकारी
मोर्चा के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों से सूचनाएं मिल रही हैं कि अधिकांश स्कूल और इंटर कॉलेज ने अब तक ऑनलाइन प्रपत्र नहीं भरे हैं। कुछ संस्थानों द्वारा केवल पंजीयन किया गया है, लेकिन अनुदान से संबंधित प्रपत्र भरे नहीं गए हैं। मोर्चा ने कहा है कि सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति
मोर्चा का कहना है कि 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। यह मुद्दा विधानसभा में लगातार दो दिनों तक उठाया गया है और सरकार की ओर से इस पर जवाब भी दिया गया है। मोर्चा का मानना है कि सामूहिक एकता से ही अनुदान बढ़ोतरी का रास्ता खुलेगा।
तिथि बढ़ने को लेकर आश्वासन
कुछ शिक्षकों और संस्थानों में इस बात को लेकर शंका है कि ऑनलाइन आवेदन की तिथि नहीं बढ़ेगी। मोर्चा ने ऐसी आशंकाओं को निराधार बताते हुए कहा है कि सभी बिंदुओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है और आवेदन की तिथि निश्चित रूप से बढ़ेगी। इसलिए किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या चिंता की आवश्यकता नहीं है।
एकता बनाए रखने की अपील
मोर्चा ने सभी अनुदानित शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और सामूहिक एकता को कमजोर न होने दें। मोर्चा का कहना है कि संगठित संघर्ष के जरिए ही सरकार से ठोस निर्णय कराया जा सकता है।
मोर्चा के पदाधिकारियों का संयुक्त निवेदन
इस अपील पर कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, चंदेश्वर पाठक, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, अरविंद सिंह, गणेश महतो, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, संजय कुमार, अनिल तिवारी, मनोज तिर्की, विनय उरांव, शीतल एक्का, मुरारी सिंह, रघु विश्वकर्मा, मनोज कुमार, रेशमा बैक, नरोत्तम सिंह, अली अल अराफात, रणजीत मिश्रा सहित सभी साथियों के नाम शामिल हैं।
