JTET विवाद: 84% छात्रों ने भोजपुरी, मगही, अंगिका शामिल करने का किया विरोध
झारखंड में JTET (Jharkhand Teacher Eligibility Test) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को परीक्षा में शामिल करने की मांग के बीच छात्रों का विरोध खुलकर सामने आया है।
NEWS MONITOR के पब्लिक पोल के अनुसार, कुल 386 वोट में 84% लोगों ने इन भाषाओं को शामिल करने के खिलाफ मतदान किया, जबकि केवल 16% लोग इसके पक्ष में नजर आए। यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि बड़ी संख्या में छात्र इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं।
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फॉर्म शुरू, लेकिन विवाद तेज
इसी बीच JTET के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि, जो वर्तमान नियमावली लागू की गई है, उसमें भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद इस मुद्दे पर बहस लगातार तेज हो रही है।
मंत्रियों की पैरवी, सरकार ने बनाई कमेटी
कांग्रेस कोटे के मंत्री
- Radhakrishna Kishore
- Deepika Pandey Singh
इन भाषाओं को JTET में शामिल करने की वकालत कर रहे हैं। इस पर सरकार ने मंत्रियों की एक कमेटी गठित कर सुझाव लेने की बात कही है।
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छात्रों में नाराजगी क्यों?
छात्रों का कहना है कि:
- परीक्षा के नियमों में अचानक बदलाव उचित नहीं है
- इससे तैयारी और सिलेबस पर असर पड़ेगा
- पहले से ही प्रतियोगिता कठिन है, ऐसे में बदलाव से असमानता बढ़ेगी
क्या कहता है जनमत?
पोल के नतीजे बताते हैं कि यह मुद्दा सिर्फ नीति का नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।
आगे क्या?
फिलहाल:
- फॉर्म भरने की प्रक्रिया जारी है
- नियमावली में भाषाएं शामिल नहीं हैं
- लेकिन राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ रहा है
अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की राय को प्राथमिकता देती है या इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ती है।
निष्कर्ष:
JTET में भाषाओं को शामिल करने का मुद्दा अब गंभीर बहस का विषय बन चुका है। 84% विरोध के बीच सरकार का अगला कदम यह तय करेगा कि छात्रों का विश्वास बना रहेगा या विवाद और गहराएगा।
