कांके में नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या
महिला पर्यवेक्षिका समेत 3 गिरफ्तार, हत्या को सामान्य मौत दिखाने की साजिश बेनकाब
रांची के कांके थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्ची की हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस घटना को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। मामले में आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षिका सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार में बैठकर झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा का पेपर लीक, सरगना अतुल वत्स
क्या है पूरा मामला
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांके थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची की हत्या से जुड़ी सूचना पुलिस को मिली। जांच के दौरान आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षिका सुभमा कुमारी के बयान में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
बताया गया कि वर्ष 2022 में सुभमा कुमारी एक बच्ची को अपने साथ रखकर उसकी देखरेख और पालन-पोषण करने के बहाने उसके परिवार से ले आई थी। समय के साथ बच्ची के परिवार और महिला के बीच आर्थिक और अन्य कारणों से विवाद उत्पन्न हो गया।
बच्ची को बंधक बनाकर किया जा रहा था अत्याचार
जांच में सामने आया कि महिला और उसके सहयोगी (भाई) द्वारा बच्ची को घर में बंधक बनाकर रखा गया था। उसके साथ लगातार अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था।
यह मामला केवल हत्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना का परिणाम बताया जा रहा है।
हत्या की रात क्या हुआ
दिनांक 10 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 की रात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने और घटना को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की।
शव को इधर-उधर ले जाकर रची साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बच्ची के शव को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाकर स्थिति को भ्रमित करने की कोशिश की, ताकि यह हत्या नहीं बल्कि सामान्य मृत्यु लगे।
हालांकि तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
EXCISE CONSTABLE- “Leak Mafia Active?” 160 हिरासत में, जांच तेज
पुलिस की कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- सुभमा कुमारी
- प्रदीप बड़ला
- संतोष कुमार दास
इन सभी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बरामद सामान ने खोले राज
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई अहम सामान बरामद किए हैं:
- मारुति स्विफ्ट डिजायर कार
- कई मोबाइल फोन
- हत्या में प्रयुक्त कैंची, प्लास, लाठी
- रस्सी और एडहेसिव टेप
ये सभी सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी।
पुलिस टीम की भूमिका
इस मामले का खुलासा कांके थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने संयुक्त रूप से किया। तकनीकी साक्ष्य और सतर्क जांच के कारण इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश संभव हो सका।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- एक नाबालिग को वर्षों तक बंधक कैसे रखा गया?
- क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र कमजोर है?
- क्या सिस्टम में कहीं लापरवाही हुई?
निष्कर्ष
कांके में हुई यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि समाज और सिस्टम दोनों के लिए एक चेतावनी भी है। एक मासूम बच्ची के साथ हुई इस निर्मम घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
अब देखना यह होगा कि दोषियों को कितनी जल्दी और कितनी सख्त सजा मिलती है.
