भाजपा ने “मंइयां सम्मान योजना” को चुनावी धोखा बताया.

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भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया: “मंइयां सम्मान योजना” में 5.46 लाख बहनों-बेटियों को अपात्र ठहराने पर सवाल

प्रमुख बिंदु:

  • 5.46 लाख बहनें-बेटियाँ अपात्र ठहराई गईं

  • राफिया नाज़ का आरोप: हेमंत सोरेन सरकार ने चुनाव के दौरान बहनों-बेटियों को वोट बैंक बनाया

  • वसूली का आरोप: भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर वसूली की साजिश का लगाया आरोप

  • वादा और धोखा: कल्पना सोरेन का वादा, अब सरकार के वादे से पलटना

  • भाजपा का रुख: भाजपा ने वसूली की घटनाओं के खिलाफ सख्त चेतावनी दी



राफिया नाज़ ने की सरकार पर आरोपों की झड़ी

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड सरकार द्वारा “मंइयां सम्मान योजना” के तहत 5.46 लाख बहनों-बेटियों को अपात्र ठहराने के निर्णय पर गहरी नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि यह निर्णय हेमंत सोरेन सरकार की दोहरी नीति और वोट बैंक राजनीति का उदाहरण है। पहले इन बहनों-बेटियों को योजना में शामिल कर वोट बटोरे गए, और अब चुनाव बाद उन्हें अपात्र घोषित किया गया है।

Miyaan Samman YojanaRafia Naz
राफिया नाज़, भाजपा प्रवक्ता, झारखंड

राजनीतिक षड्यंत्र का सवाल

राफिया ने यह सवाल उठाया कि क्या यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसमें हेमंत सोरेन सरकार ने इन गरीब बहनों-बेटियों को वोट बैंक की भेंट चढ़ाया और चुनाव के बाद उन्हें अपात्र ठहरा कर उनका अपमान किया? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी बहन-बेटी से वसूली की गई तो भारतीय जनता पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।



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सरकार पर वसूली का आरोप

राफिया ने आगे कहा, “हेमंत सरकार पैसे लेकर वोट लेती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद वसूली करती है—यही उनका असली चरित्र है।” उन्होंने यह भी बताया कि मार्च 2025 तक केवल 37.55 लाख बहनों-बेटियों को स्थायी लाभ मिला था, लेकिन अब अचानक 5.46 लाख को अपात्र घोषित कर दिया गया है और वसूली की बात की जा रही है।

सरकार से सवाल

राफिया ने सवाल किया, “अगर ये बहन-बेटियाँ अपात्र थीं, तो उन्हें DBT के माध्यम से राशि क्यों दी गई?” क्या यह योजना धोखा थी? उन्होंने यह भी पूछा, “क्या इन बहनों-बेटियों को ऋण लेकर राशि लौटानी होगी?”

वादा और धोखा

राफिया ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को निशाने पर लेते हुए कहा कि कल्पना सोरेन ने वादा किया था, “झारखंड की हर बहन-बेटी को सम्मान राशि मिलेगी, कोई वंचित नहीं रहेगा,” लेकिन अब सरकार अपने वादों से मुकर रही है।

भाजपा का सख्त रुख

राफिया ने जोर देकर कहा, “भाजपा की प्राथमिकता हमेशा बहन-बेटियाँ रही हैं, क्योंकि एक सशक्त नारी ही एक सशक्त परिवार की नींव होती है। झारखंड सरकार ने माताओं-बहनों-बेटियों की ममता को राजनीति की बर्बरता से कुचल डाला है—इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

वसूली को लेकर भाजपा का आक्रोश

राफिया ने चेतावनी दी, “मंइयां सम्मान योजना के नाम पर ठगना बंद करे सरकार। अगर एक भी बहन-बेटी से वसूली की गई तो हम सड़क से सदन तक बहनों-बेटियों की आवाज़ को इतना बुलंद करेंगे कि सरकार के कान के पर्दे झकझोर उठेंगे।”

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