झारखंड में शिक्षकों को 75% अनुदान वृद्धि का इंतजार, सभी प्रक्रियाएं पूरी—अब निर्णय मुख्यमंत्री पर
05 अगस्त को विधानसभा के सामने शिक्षक मोर्चा का महा धरना, राज्यकर्मी का दर्जा भी प्रमुख मांग
मुख्य बिंदु:
वित्त और विधि विभाग से प्रस्ताव को मिली हरी झंडी
कैबिनेट सचिव, मुख्य सचिव तक पहुंची संचिका
मुख्यमंत्री स्तर पर अटक गया मामला, 09 जुलाई से लंबित
05 अगस्त को झारखंड विधानसभा के सामने होगा महा धरना
राज्यकर्मी का दर्जा देने की भी मांग तेज
सभी प्रक्रियाएं पूर्ण, फिर भी संचिका कैबिनेट में नहीं रखी गई
रांची 24 जुलाई 2025- झारखंड के इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा के शिक्षकों को मिलने वाली 75% अनुदान वृद्धि की संचिका पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पार कर चुकी है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा तैयार यह संचिका वित्त विभाग और विधि विभाग से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद कैबिनेट सचिव और फिर मुख्य सचिव तक पहुंची।
मुख्य सचिव ने अपनी सहमति के साथ संचिका को मुख्यमंत्री को भेज दिया, लेकिन 24 जुलाई की कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव किसी कारणवश प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
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मुख्यमंत्री स्तर पर क्यों अटका मामला? उठ रहे सवाल
शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष मंडल को इस बात की पूरी उम्मीद थी कि 24 जुलाई की मंत्रीमंडल बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। लेकिन मुख्यमंत्री कौशांग या अन्य कारणों से यह संभव नहीं हो सका।
मोर्चा का कहना है कि अब कोई कारण नहीं बचा है कि संचिका को मंत्री परिषद में ना लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि “09 जुलाई से संचिका मुख्यमंत्री स्तर पर लंबित है, अब यह देरी अस्वीकार्य है।”
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राज्यकर्मी का दर्जा भी प्रमुख मांग
शिक्षक मोर्चा ने सिर्फ 75% अनुदान वृद्धि की मांग ही नहीं उठाई है, बल्कि राज्यकर्मी का दर्जा देने की प्रक्रिया को भी तत्काल लागू करने की मांग की है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग ने स्कूली शिक्षा विभाग को इस विषय में अधिकृत पत्र भी भेजा है।
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05 अगस्त को विधानसभा के सामने होगा महा धरना
शिक्षक मोर्चा ने घोषणा की है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 05 अगस्त 2025 को विधानसभा सत्र के दौरान राज्यभर से शिक्षक कर्मी नए विधानसभा भवन के सामने महा धरना देंगे।
धरना सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक चलेगा।
शिक्षक संगठनों ने सभी शिक्षक प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से इस महा धरने में भाग लेने का आह्वान किया है ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
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अध्यक्ष मंडल की बैठक में लिए गए निर्णय
आज आयोजित अध्यक्ष मंडल की बैठक की अध्यक्षता श्री चंदेश्वर पाठक ने की। बैठक में श्री हरिहर प्रसाद कुशवाहा, रघुनाथ सिंह, देवनाथ सिंह, बलदेव पांडेय, गणेश महतो, अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह, मनीष कुमार, पशुपति महतो, अर्जुन पांडेय, गुंजन कुमार, रघु विश्वकर्मा, फज्लुल कदिर अहमद, मनोज कुमार और अशोक कुमार सहित 20 से अधिक प्रतिनिधि शामिल रहे।
सभी ने सर्वसम्मति से कहा कि अब समय संघर्ष और दबाव का है, जिससे शिक्षक हित में निर्णय को पारित कराया जा सके।
शिक्षक मोर्चा की यह चेतावनी साफ है कि अगर 75% अनुदान वृद्धि और राज्यकर्मी का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव पर निर्णय नहीं होता है, तो विधानसभा सत्र के दौरान महा प्रदर्शन झारखंड सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।
