असम विधानसभा चुनाव 2026: 126 सीटों पर मतदान जारी, दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
असम में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व यानी विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी। राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
बड़े नेताओं की साख दांव पर
इस चुनाव में कई दिग्गज नेताओं की किस्मत EVM में कैद हो रही है। इनमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, राइजोर दल नेता अखिल गोगोई और एजेपी अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई शामिल हैं।
ऐसे में यह चुनाव केवल सीटों का नहीं बल्कि राजनीतिक भविष्य का भी बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।
2.5 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला
इस बार कुल 2.50 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
- 1.25 करोड़ महिला मतदाता
- 318 तृतीय लिंग मतदाता
- 31,490 मतदान केंद्र
- 35 जिलों में वोटिंग
इसके अलावा, बड़ी संख्या में युवा मतदाता भी पहली बार वोट डाल रहे हैं, जिससे चुनाव और भी रोमांचक हो गया है।
किस पार्टी ने कितनी सीटों पर उतारे उम्मीदवार?
अगर राजनीतिक समीकरणों की बात करें, तो इस बार मुकाबला बहुकोणीय है:
- कांग्रेस: 99 सीट
- भाजपा: 90 सीट
- एआईयूडीएफ: 30 सीट
- असम गण परिषद (AGP): 26 सीट
- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF): 11 सीट
वहीं विपक्षी खेमे में:
- राइजोर दल: 13 सीट
- असम जातीय परिषद: 10 सीट
- माकपा: 3 सीट
- एपीएचएलसी: 2 सीट
अन्य दलों में:
- आप: 18 सीट
- यूपीपीएल: 18 सीट
- तृणमूल कांग्रेस: 22 सीट
- झामुमो: 16 सीट
खास बात यह है कि 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जो कई सीटों पर समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
प्रियंका गांधी की वोट अपील
इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में कहा:
“असम की मेरी प्यारी बहनों और भाइयों, अपने राज्य, संस्कृति और भविष्य के लिए जरूर वोट करें।”
इससे साफ है कि कांग्रेस इस चुनाव को पूरी ताकत से लड़ रही है।
झारखंड की भी नजर, JMM ने झोंकी ताकत
हालांकि चुनाव असम में हो रहा है, लेकिन झारखंड की राजनीति भी इससे जुड़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने करीब 19 सीटों पर जोरदार प्रचार किया।
- हेमंत सोरेन
- कल्पना सोरेन
जैसे नेताओं ने असम में कैंप कर पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया।
पार्टी को इस चुनाव से काफी उम्मीदें हैं।
सियासी बयानबाजी भी तेज
इसी बीच कांग्रेस नेता आलोक दुबे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हार तय है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में असम में स्थिर सरकार बनेगी।
क्यों अहम है यह चुनाव?
- पूर्वोत्तर की राजनीति पर बड़ा असर
- राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता संतुलन का संकेत
- क्षेत्रीय दलों की ताकत का परीक्षण
यही कारण है कि पूरे देश की नजर इस चुनाव पर टिकी हुई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, असम विधानसभा चुनाव 2026 बेहद अहम मोड़ पर है। एक तरफ सत्ताधारी दल अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर विपक्ष सत्ता परिवर्तन की उम्मीद कर रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे सत्ता की चाबी सौंपती है।
