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UPSC मॉडल पर झारखंड JPSC में ‘प्रतिभा सेतु’ बनाने की मांग तेज

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झारखंड में ‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’ बनाने का सुझाव, संजय मेहता ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

झारखंड में प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को वैकल्पिक अवसर देने के उद्देश्य से आजसू के महासचिव संजय मेहता ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखकर ‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’ के निर्माण का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव को लेकर उन्होंने सरकार से शीघ्र पहल करने का आग्रह किया है।

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जेपीएससी परीक्षाओं से जुड़ा अहम मुद्दा उठाया

पत्र में संजय मेहता ने स्पष्ट किया कि यह विषय जेपीएससी परीक्षाओं से संबंधित है और अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई अभ्यर्थी प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार जैसे कठिन चरणों को पार कर लेते हैं, लेकिन कुछ अंकों के अंतर से अंतिम मेरिट सूची में स्थान नहीं बना पाते।

इसलिए, ऐसे अभ्यर्थियों के लिए वैकल्पिक अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

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यूपीएससी की ‘प्रतिभा सेतु’ पहल का दिया उदाहरण

संजय मेहता ने अपने सुझाव में संघ लोक सेवा आयोग की ‘प्रतिभा सेतु’ पहल का उल्लेख किया। यह योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी, जिसे पहले पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम (PDS) के नाम से जाना जाता था।

इसके तहत उन उम्मीदवारों की प्रोफाइल सार्वजनिक की जाती है, जो परीक्षा के सभी चरणों में सफल होते हैं, लेकिन अंतिम चयन से वंचित रह जाते हैं।

इसके बाद, यह डेटा केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी संस्थानों और पंजीकृत निजी कंपनियों को उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे इन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को अवसर दे सकें।

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‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’ से मिल सकता है वैकल्पिक रास्ता

इसी तर्ज पर ‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’ बनाने का सुझाव दिया गया है। इस पहल के माध्यम से उन अभ्यर्थियों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जो जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में अंतिम चरण तक पहुंचे हैं।

इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार इन उम्मीदवारों को प्रशासनिक, गैर-प्रशासनिक पदों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकती है।

मानसिक दबाव कम करने में मिलेगी मदद

संजय मेहता ने कहा कि जो अभ्यर्थी कुछ अंकों से चयन से चूक जाते हैं, वे मानसिक दबाव का सामना करते हैं। हालांकि उनके पास दोबारा तैयारी का विकल्प होता है, लेकिन वैकल्पिक अवसर मिलने से उनका मनोबल बना रहेगा।

इसके साथ ही, राज्य को प्रशिक्षित और योग्य मानव संसाधन भी मिलेगा, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सकती है।

सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग

अंत में, संजय मेहता ने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर विचार कर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि यह पहल झारखंड के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है।

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