मुख्य बिंदु:
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2003 मतदाता सूची के मैपिंग में त्रुटि रहित कार्य करने का निर्देश
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बीएलओ को इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ पुराने मतदाता विवरण उपलब्ध कराने हेतु कहा गया
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विभिन्न आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया स्पष्ट
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जिलों के ईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक
रांची, 14 अक्टूबर 2025:
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से पहले 2003 के मतदाता सूची के आधार पर मैपिंग प्रक्रिया को त्रुटि रहित बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) को इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ पुराने मतदाता विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुदृढ़ करनी होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया कि वैसे मतदाता जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता का नाम सूची में है, उनके विवरण भी फॉर्म के साथ उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, जिन मतदाताओं का नाम 2003 में अन्य राज्य की मतदाता सूची में है, उन्हें संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट से अपना विवरण डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जाए।
मतदाता दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया:
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1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता: केवल अपना एक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। यदि उनका नाम 2003 की सूची में है, तो बीएलओ विवरण इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध कराएंगे।
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1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता: अपने दस्तावेज़ के साथ माता-पिता में से किसी एक का वैध दस्तावेज भी देना होगा। 2003 सूची में उनका या माता-पिता का नाम होने पर विवरण फॉर्म के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे।
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2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे युवा मतदाता: अपने और दोनों माता-पिता के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। यदि माता-पिता का नाम 2003 सूची में है, तो विवरण फॉर्म के साथ उपलब्ध कराया जाएगा।
के. रवि कुमार ने सभी जिलों के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मतदाता सूची से संबंधित सभी फॉर्मों का समय पर रिव्यू और निष्पादन सुनिश्चित करें।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, सभी जिलों के ईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।
