ऐतिहासिक मुड़मा जतरा मेला का आज होगा आगाज़, रांची-डाल्टनगंज मार्ग पर ट्रैफिक डाइवर्ट
मुख्य बिंदु:
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मुड़मा जतरा मेला आज से शुरू
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एनएच-39 पर 8 और 9 अक्टूबर को रहेगा रूट डाइवर्जन
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टांगरबसली मोड़ और काठीटांड़ से किया गया ट्रैफिक डायवर्ट
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यात्रियों को सलाह – यात्रा से पहले मार्ग की जानकारी अवश्य लें
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रांची। झारखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का प्रतीक ऐतिहासिक मुड़मा जतरा मेला आज से प्रारंभ हो रहा है। यह जतरा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि आदिवासी संस्कृति और लोक परंपरा का जीवंत प्रदर्शन भी करता है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियाँ की हैं।
एनएच-39 पर दो दिनों तक रहेगा ट्रैफिक डाइवर्जन
मुड़मा जतरा को लेकर रांची-डाल्टनगंज मार्ग (एनएच 39) पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि 8 और 9 अक्टूबर को सुबह से ही रूट डायवर्जन लागू रहेगा। लोहरदगा की ओर से आने वाले सभी वाहनों को टांगरबसली मोड़ से बेड़ो होते हुए रांची की ओर भेजा जाएगा। वहीं, रांची से डाल्टनगंज की ओर जाने वाले वाहन काठीटांड़ से ठाकुरगांव होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
यात्रियों के लिए प्रशासन की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी लेकर ही निकलें ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। जतरा स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
मुड़मा जतरा मेला झारखंड के सबसे प्राचीन और लोकप्रिय मेलों में से एक है। यह न केवल पूजा-अर्चना का अवसर होता है, बल्कि लोकनृत्य, गीत-संगीत और पारंपरिक वस्त्रों की झलक भी यहां देखने को मिलती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी यह मेला सशक्त करता है क्योंकि बड़ी संख्या में व्यापारी और हस्तशिल्पी इसमें भाग लेते हैं।
