झारखंड में SIR की प्रक्रिया शुरू

मतदाता सूची में नाम बचाना है? जान लें निर्वाचन आयोग के नए नियम

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SIR 2026: मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर CEO के. रवि कुमार का निर्देश, 30 जून से घर-घर जाएंगे BLO

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने कहा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने शनिवार को निर्वाचन सदन से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए तथा मतदाताओं के बीच सही जानकारी पहुंचाई जाए।

प्रमुख बातें

  • झारखंड में चल रहा है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान
  • 20 जून से शुरू होगा प्रिंटिंग और प्रशिक्षण कार्य
  • 30 जून से घर-घर जाकर फॉर्म बांटेंगे BLO
  • पुराने SIR से मैपिंग के लिए दस्तावेज की जरूरत नहीं
  • पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना प्राथमिकता
  • भ्रामक जानकारी फैलने से रोकने के निर्देश

20 जून से शुरू होगी ट्रेनिंग

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 20 जून से राज्यभर में प्रिंटिंग और प्रशिक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी अधिकारियों, BLO और BLO सुपरवाइजरों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए।

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

30 जून से घर-घर पहुंचेंगे BLO, मतदाताओं को भरना होगा इन्यूमरेशन फॉर्म

30 जून से घर-घर जाएंगे BLO

के. रवि कुमार ने कहा कि 30 जून से BLO घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। इससे पहले सभी BLO को फॉर्म भरने की प्रक्रिया और पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैपिंग की पूरी जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि BLO मतदाताओं के बीच फैली गलत या भ्रामक जानकारियों को भी दूर करेंगे और सही जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

मैपिंग के लिए दस्तावेज की जरूरत नहीं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुराने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से मतदाताओं की मैपिंग कराने या इन्यूमरेशन फॉर्म भरने के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।

आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म में मतदाताओं को पुराने SIR का विवरण भरने के लिए कॉलम दिया जाएगा। इस विवरण के आधार पर उनकी मैपिंग की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम पिछले SIR की मतदाता सूची में दर्ज है, तो उसे किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। यही विवरण उसके पुत्र या पुत्री के लिए अभिभावक प्रमाण के रूप में भी मान्य होगा।

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गलत जानकारी देने वालों पर नजर

CEO ने कहा कि मैपिंग के दौरान गलत जानकारी देकर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले मतदाता एनोमली (Anomaly) के रूप में चिन्हित किए जाएंगे।

ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा और निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) के समक्ष सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

अधिकारियों की शंकाओं का किया समाधान

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों और शंकाओं का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समाधान किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अपर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

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