आदिवासी पारंपरिक व्यवस्था पर नया विवाद, निशा उरांव ने लगाए गंभीर आरोप; ‘पड़हा राजा’ को लेकर छिड़ी बहस
रांची: झारखंड में आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी एवं कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव की पुत्री निशा उरांव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए एंदेल सांगा पड़हा, पड़हा राजा के पद और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।
प्रमुख बातें
- निशा उरांव ने सोशल मीडिया पोस्ट में उठाए कई सवाल
- एंदेल सांगा पड़हा और पड़हा राजा के पद को लेकर जताई आपत्ति
- पेसा कानून और पारंपरिक व्यवस्था का किया उल्लेख
- बैठक में विवाद और मारपीट का लगाया आरोप
- खूंटी, गुमला और लोहरदगा में पारंपरिक पदों को लेकर चल रहे अभियान का किया जिक्र
क्या कहा निशा उरांव ने?
निशा उरांव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि एंदेल सांगा पड़हा (पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था) में ईसाई आदिवासियों द्वारा पड़हा राजा के पद पर दावा किया जा रहा है। उन्होंने इसे परंपरा और पेसा कानून के अनुरूप नहीं बताया।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि पड़हा राजा सहित अन्य पारंपरिक पदों के साथ धार्मिक और सामाजिक दोनों प्रकार की जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं।

बैठक में विवाद का दावा
निशा उरांव ने दावा किया कि पड़हा चुनाव को लेकर हुटार बाजार में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सरना और ईसाई समुदाय के आदिवासी शामिल हुए। उनके अनुसार, बैठक के दौरान सरना पक्ष ने इन दावों का विरोध किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैठक में विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की तथा मारपीट की घटनाएं हुईं, जिसमें कुछ लोगों को चोटें भी आईं।

कई जिलों का किया जिक्र
अपने पोस्ट में निशा उरांव ने दावा किया कि खूंटी, गुमला और लोहरदगा जिलों में पारंपरिक पदों को लेकर अभियान चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पारंपरिक पदों को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से छिड़ी बहस
निशा उरांव की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह समाचार निशा उरांव द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावों पर आधारित है। NEWS MONITOR इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

