छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर संजय सेठ का सरकार पर हमला, भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता संजय सेठ ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कथित मारपीट और लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पिछले छह वर्षों में आयोजित JPSC, JSSC-CGL समेत सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग की है।
प्रमुख बातें
- संजय सेठ ने छात्रों पर कथित हमले और लाठीचार्ज की निंदा की।
- JPSC, JSSC-CGL समेत पिछले छह वर्षों की भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग।
- JPSC की पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के 2024 के पत्र को सार्वजनिक करने की मांग।
- CID जांच पर छात्रों का भरोसा नहीं होने का दावा।
- राहुल गांधी पर छात्र आंदोलन को लेकर दोहरे रवैये का आरोप।
- सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में संजय सेठ ने आरोप लगाया कि रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में छात्रों के साथ मारपीट और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि घायल छात्रों को अस्पताल में भी परेशान किया गया और इलाज से वंचित करने का दबाव बनाया गया।
संजय सेठ ने कहा कि पिछले 25 दिनों से छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आंदोलन और आमरण अनशन कर रहे थे। उनके मुताबिक, छात्रों ने न तो सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और न ही किसी तरह का हिंसक प्रदर्शन किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि आंदोलनकारी छात्र किसी बाहरी राज्य के नहीं, बल्कि झारखंड के ही बच्चे हैं। सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए था।

भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग
संजय सेठ ने JPSC, JSSC-CGL समेत पिछले छह वर्षों में राज्य में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं और इनकी निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है।
उन्होंने JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया। संजय सेठ का आरोप है कि परीक्षा रद्द करने के फैसले के बचाव में सरकार की ओर से कोर्ट में पर्याप्त मजबूती से पक्ष नहीं रखा गया।
नीलिमा केरकेट्टा के पत्र का मुद्दा उठाया
संजय सेठ ने JPSC की पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के 2024 में सरकार को लिखे गए पत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पत्र में JPSC में कथित अनियमितताओं और खामियों को लेकर सरकार को आगाह किया गया था।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार उस पत्र पर अब तक क्या कार्रवाई कर चुकी है और उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की जनता इस पत्र में उठाए गए मुद्दों की सच्चाई जानना चाहती है।
CID जांच पर भी उठाए सवाल
संजय सेठ ने कहा कि भर्ती परीक्षा विवाद की CID जांच को लेकर छात्रों के बीच भरोसे का संकट है। उन्होंने कथित तौर पर बिनसिस के निदेशक अरुण कुमार से जुड़े पुराने आरोपों का जिक्र करते हुए जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि जब छात्रों को CID की जांच पर भरोसा नहीं है, तो ऐसे मामले की जांच CBI से कराने में सरकार को क्या आपत्ति है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
प्रेसवार्ता के दौरान संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्र आंदोलन का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं।
संजय सेठ ने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं तो उन्हें रांची आकर आंदोलनकारी छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और राज्य सरकार से पूरे मामले की CBI जांच की मांग करनी चाहिए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संजय सेठ ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में शामिल लोगों ने नौकरी बेचकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को झारखंड से बाहर पटना और नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे।
हालांकि, ये सभी आरोप संजय सेठ द्वारा प्रेसवार्ता में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार पर नहीं हुई है।
प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा भी मौजूद रहे।
