रांची के बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी से यौन शोषण के आरोप, हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जेल में बंद एक 23 वर्षीय महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण, गर्भवती होने और बाद में जबरन गर्भपात कराने के आरोपों ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को हिला दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
3 महीने में ग्राम प्रधान नियुक्ति का निर्देश, PESA कानून पर सरकार सख्त
क्या हैं आरोप?
विपक्ष का आरोप है कि महिला कैदी के साथ जेल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार शारीरिक शोषण किया गया। दावा किया गया है कि इसी दौरान महिला गर्भवती हो गई।
इसके बाद मामले को दबाने और जैविक साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पीड़िता का गुप्त रूप से गर्भपात कराया गया। विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण में जेल अधीक्षक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले के सामने आने के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने राज्य सरकार और जेल प्रशासन पर हमला बोलते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, सरकार की ओर से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
हाई कोर्ट की सख्ती
झारखंड हाई कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। कोर्ट अब इस मामले में जांच की प्रगति और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने जेलों में महिला कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि जेल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कैसे की जाएगी।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस मामले की जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
