9 जुलाई को मजदूर संगठनों की देशव्यापी हड़ताल, झारखंड में दो घंटे का चक्का जाम
मुख्य बिंदु:
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केंद्र सरकार की लेबर कोड नीतियों के खिलाफ देशभर में विरोध
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9 जुलाई 2025 को मज़दूर संगठनों की आम हड़ताल
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झारखंड में सुबह 10 से 12 बजे तक दो घंटे का चक्का जाम
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श्रमिकों ने लेबर कोड को बताया मजदूर विरोधी
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संगठनों ने सरकार से तुरंत संशोधन की मांग की
मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन
देशभर के सभी प्रमुख मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार की चार लेबर कोड नीतियों के विरोध में एकजुट होकर 9 जुलाई को आम हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल उन श्रमिकों की आवाज़ बनेगी जो इन नीतियों से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
झारखंड में दो घंटे का चक्का जाम
विशेष रूप से झारखंड में 9 जुलाई को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक दो घंटे का चक्का जाम किया जाएगा। सभी ट्रेड यूनियनों ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से यह विरोध दर्ज कराया जाएगा।
लेबर कोड से श्रमिकों को क्या आपत्ति?
मजदूर संगठनों का मानना है कि नए लेबर कोड श्रमिक हितों को कमजोर करते हैं, और इससे उनकी सामाजिक सुरक्षा, मजदूरी अधिकार और कार्यस्थल की स्थिरता पर असर पड़ेगा। संगठनों का कहना है कि ये नीतियां पूंजीपतियों को लाभ और मजदूरों को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
केंद्र सरकार से की गई मांग
सभी संगठनों ने मिलकर केंद्र सरकार से लेबर कोड में संशोधन या इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
जनहित में संगठित विरोध
यह हड़ताल केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि मजदूरों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। संगठनों का स्पष्ट कहना है कि यदि सरकार मजदूरों की आवाज़ नहीं सुनेगी, तो सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।
