कोचिंग के नाम पर “कमीशन” का खेल: भाजपा का हेमंत सरकार पर हमला, आदिवासी छात्रों की योजनाओं में घोटाले का आरोप
मुख्य बिंदु:
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने लगाया कोचिंग योजना में भ्रष्टाचार का आरोप
ट्राइबल वेलफेयर कमिश्नर द्वारा 300 छात्रों के लिए कोचिंग टेंडर जारी
टेंडर खुलने से पहले ही ‘फिजिक्स वाला’ का नाम सामने आने पर सवाल
सरकार पर पूर्व के शराब घोटाले जैसा पैटर्न दोहराने का आरोप
भाजपा ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक और उच्चस्तरीय जांच की मांग की
भाजपा का गंभीर आरोप: कोचिंग योजना के नाम पर घोटाले की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में “अनुसूचित जनजाति शिक्षण उत्थान कार्यक्रम” के तहत शुरू की जा रही कोचिंग योजना में भारी अनियमितता और घोटाले की आशंका है।
टेंडर खुलने से पहले ही संस्था का नाम सार्वजनिक, पारदर्शिता पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि ट्राइबल वेलफेयर कमिश्नर की ओर से टेंडर संख्या 2025_WELFR_103203_1 जारी किया गया है, जिसमें 300 अनुसूचित जनजाति के छात्रों को IIT-JEE और NEET जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग देने हेतु विभिन्न संस्थानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। टेंडर प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम तिथि 11 अगस्त निर्धारित है।
हालांकि अजय साह ने कहा कि टेंडर खुलने से पहले ही सरकार की प्रेस विज्ञप्तियों और मंत्रियों की घोषणाओं में “फिजिक्स वाला” संस्थान का नाम सामने आ चुका है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि टेंडर प्रक्रिया महज औपचारिकता बन गई है और परिणाम पहले ही तय कर लिए गए हैं।
“फिजिक्स वाला” का नाम कैसे तय हुआ? भाजपा ने पूछा सवाल
अजय साह ने सरकार से पूछा कि जब टेंडर अभी खुला ही नहीं है, तब एक विशेष संस्थान का नाम कैसे प्रचारित किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम इस ओर इशारा करता है कि कोचिंग संस्था पहले से तय कर दी गई है, और विभागीय स्तर पर किसी विशेष संस्था को फायदा पहुँचाने की कोशिश हो रही है।
पहले शराब, अब कोचिंग घोटाला: सुनियोजित लूट का आरोप
भाजपा नेता ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह घोटाला पहले के शराब घोटाले की ही तरह है, जहाँ पूर्व में बाबूलाल मरांडी ने जिस कंपनी का नाम उजागर किया था, वही बाद में टेंडर पाने में सफल रही। ठीक उसी तरह अब “फिजिक्स वाला” को कोचिंग योजना के तहत चयनित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इसे “सुनियोजित लूट” करार दिया।
सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप
अजय साह ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां और कमीशनखोरी ने शिक्षा व्यवस्था को पहले ही ध्वस्त कर दिया है। अब आदिवासी छात्रों के नाम पर चल रही कोचिंग योजना को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए ऐसी संस्थाओं का चयन होना चाहिए जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम हों, न कि वे जो मंत्रियों और अधिकारियों को “कमीशन” देने में दक्ष हों।
भाजपा की मांग: टेंडर पर रोक और निष्पक्ष जांच हो
भाजपा ने इस पूरी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच नहीं होती, तब तक कोई भी संस्था चयनित न की जाए।
