भाजपा सांसद आदित्य साहू का हमला: कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा पिछड़ा विरोधी, निकाय चुनाव में 27% आरक्षण की करे घोषणा
मुख्य बिंदु:
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कांग्रेस पर पिछड़ा विरोधी मानसिकता का आरोप
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निकाय चुनाव में 27% आरक्षण की मांग
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हेमंत सरकार पर आरक्षण की अनदेखी का आरोप
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मोदी सरकार की पिछड़ा वर्ग हितैषी नीतियों की सराहना
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कांग्रेस को घड़ियाली आंसू बहाना बंद करने की सलाह
रांची, 2 अगस्त 2025- कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के हालिया बयान पर भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर पिछड़ा समाज को बार-बार छलने का आरोप लगाते हुए कहा कि “कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा पिछड़ा विरोधी है, वह घड़ियाली आंसू बहाना बंद करे।”
कांग्रेस का इतिहास पिछड़ा विरोधी: आदित्य साहू
साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज एक बार फिर पिछड़ा समाज की हितैषी बनने का दिखावा कर रही है। जबकि उसका इतिहास रहा है कि उसने कभी भी पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया। मंडल कमीशन की रिपोर्ट को वर्षों तक दबाकर रखा गया, जिसे बाद में वी.पी. सिंह सरकार ने लागू किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल एक परिवार को महिमामंडित करने के लिए कई पिछड़े वर्ग के विद्वान नेताओं का अपमान किया।
‘एक तरफ दुआ, दूसरी तरफ महोत्सव’ – बाबूलाल मरांडी का सरकार पर तंज.
निकाय चुनाव में आरक्षण दे सरकार: भाजपा की मांग
सांसद आदित्य साहू ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर कांग्रेस को वास्तव में पिछड़ों की चिंता है तो आगामी निकाय चुनाव में 27% आरक्षण की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण देना सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जमीन पर भी लागू करना चाहिए।
पंचायत चुनाव में पिछड़ों की उपेक्षा का आरोप
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने पंचायत चुनाव बिना पिछड़ा आरक्षण के कराया और अब वही सरकार और उसके समर्थक नेता पिछड़ों की हितैषी बनने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम समुदाय के लिए पिछड़ा आरक्षण सुरक्षित रखने का आरोप भी लगाया।
ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया अब तक अधूरी
साहू ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब तक ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जो कि आरक्षण के संवैधानिक विस्तार के लिए अनिवार्य है।
भाजपा ने पिछड़ों के लिए काम किया: साहू
भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि “आज एक गरीब पिछड़ा वर्ग का बेटा देश का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री है। मोदी कैबिनेट में दर्जनों मंत्री पिछड़े वर्ग से आते हैं।” उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा भी मोदी सरकार ने ही दिया है।
प्रदीप यादव को याद दिलाया पुराना प्रसंग
आदित्य साहू ने प्रदीप यादव को याद दिलाया कि वे बाबूलाल मरांडी के उस मंत्रिमंडल का हिस्सा थे, जिसमें पिछड़ा आरक्षण बढ़ाने की पहल हुई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के कारण उसे लागू नहीं किया जा सका।
आदित्य साहू ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर राज्य में सच में पिछड़ों की चिंता है तो अब बयान नहीं, निकाय चुनाव में 27% आरक्षण की घोषणा कर दिखाए। वरना पिछड़ा समाज इसे केवल राजनीति समझेगा।
